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लालू ने किया फिर विकास का वादा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में पिछले 15 सालों से सत्तारुढ़ राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए एक बार फिर विकास का वादा किया है. इसके अलावा उन्होंने राज्य के मुस्लिम और दलित मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया है. उनका कहना है कि इससे पहले केंद्र में विरोधी दलों की सरकार होने के कारण राज्य के साथ सौतेला व्यवहार हुआ इसलिए विकास का कार्य नहीं हो सका. उनका कहना है कि अब चूंकि केंद्र के गठबंधन सरकार में राष्ट्रीय जनता दल भी शामिल है उसे पाँच साल और मौक़ा देना चाहिए. मुसलमानों और दलितों के लिए मुसलमानों को लुभाने के प्रयास करते हुए लालू प्रसाद यादव ने अल्पसंख्यक एवं उर्दू निदेशालय को वित्तीय अधिकार देने की घोषणा की है. इसके अलावा उन्होंने सेकेंड्री स्कूल स्तर तक उर्दू को अनिवार्य करने की घोषणा की है. इसके अलावा उन्होंने मुस्लिम लड़कियों को उर्दू पढ़ाने के लिए विशेष स्कूल खोले जाएँगे. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आती है तो वह ग़रीब मुसलमानों को भी आरक्षण की वही सुविधाएँ दी जाएँगी जो अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को मिलती है. इसी तरह दलितों को लुभाने के लिए उन्होंने कहा सभी सरकारी नौकरियों में पिछड़ी जातियों और दलितों के लिए उम्र सीमा घटाई जाएगी. इसके अलावा उन्होंने लड़कियों के लिए मुफ़्त शिक्षा का वादा किया है. विकास हर चुनाव में विकास का वादा करने वाले लालू प्रसाद यादव ने इस बार भी विकास के बड़े वादे किए हैं. आरजेडी ने बिहार के गाँवों को जोड़ने वाली सभी सड़कों को पक्का बनाने का वादा किया है. लालू प्रसाद यादव ने कहा कि यदि उनकी सरकार बनी तो पाँच वर्षों में सभी टूटी हुई गलियों और टूटी हुई सड़कों को ठीक कर दिया जाएगा. उन्होंने राज्य से भ्रष्टाचार मिटाने का वादा करते हुए पुलिस प्रशासन को और चुस्त दुरुस्त बनाने का वादा किया है. |
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