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नक्सली संगठन करेंगे चुनाव का बहिष्कार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्रप्रदेश में नक्सलियों की वार्ता ख़त्म करने की घोषणा के एक दिन बाद ही नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) ने बिहार और झारखंड में चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है. इन दोनों राज्यों में फ़रवरी में चुनाव होने वाले हैं और दोनों ही राज्यों में नक्सलवादी सक्रिय हैं. नक्सलवादियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिहार और झारखंड में होने वाले तीन चरणों के चुनावों का बहिष्कार करें. उन्होंने कहा है की बहिष्कार को कारगर बनाने के लिए वे छापामार लड़ाई को भी बढ़ावा देंगे. सीपीआई (माओवादी) के नक्सलियों ने हाल ही में मुंगेर ज़िले में एक हमला किया था जिसमें पुलिस अधीक्षक केसी सुरेंद्र बाबू सहित पाँच पुलिस कर्मी मारे गए थे. समाचार एजेंसियों के अनुसार दो दिन पहले झारखंड में सीपीआई (एमएल) के एक विधायक महेंद्र सिंह की हत्या के बाद से झारखंड के चुनाव पर भी आतंक का साया दिखाई पड़ रहा है. पहले चरण में झारखंड की जिन 24 सीटों पर पहले चरण में चुनाव हो रहे हैं वो सभी नक्सल प्रभावित इलाक़ों में हैं और नामांकन दाखिल करने के बाद ज़्यादातर उम्मीदवार ने सरकार से जानना चाहा है कि उनकी और उनके कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए क्या क़दम उठाए जा रहे हैं. सरकार की ओर से सभी को समुचित सुरक्षा उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया गया है. |
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