| नक्सली वार्ताकारों को मिलेगी सुरक्षा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश सरकार ने अक्तूबर माह में पीपुल्स वार ग्रुप के साथ वार्ता के दौरान संगठन के नेताओं को पूरी सुरक्षा देने का वादा किया है. अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि तीन प्रमुख माओवादी नेताओं को सुरक्षित रास्ता मुहैया कराया जाए. वार्ताकारों की सुरक्षा के बारे में पुलिस अधिकारी पीडब्ल्यूजी के मध्यस्थ वारा वारा राव, गदर और कल्याण राव से बात करेंगे. पीडब्ल्यूजी के तीन प्रमुख नेता रामकृष्णा, सुधाकर और गणेश सरकार के साथ अक्तूबर के दूसरे हफ्ते में बातचीत के लिए आ रहे हैं. सुरक्षा अहम विद्रोही संगठन पीडब्ल्यूजी के लिए सरकार से वार्ता के दौरान अपने नेताओं की सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा है . इसी कारण संगठन ने दो अक्तूबर को वार्ता की सरकार की पेशकश को ठुकरा दिया था. संगठन ने पिछले दिनों हैदराबाद में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया था. पुलिस ने इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं को बिल्कुल परेशान नहीं किया था जिसके बाद संगठन में काफी आत्मविश्वास आया है. पीडब्ल्यूजी के निकटवर्ती लोगों के अनुसार जब तक तीनों नेता हैदराबाद नहीं पहुंचेंगे, किसी को उनके रास्ते की जानकारी नहीं होगी. इसके बाद ये नेता 11 अक्तूबर को गुंटूर में एक जनसभा में हिस्सा लेंगे. जनसभा के बाद ये नेता बिना पुलिस को बताए अपने खास रास्तों से वापस हैदराबाद आयेंगे और वार्ता में भाग लेंगे. संगठन 13 अक्तूबर को बातचीत करना चाहता है जबकि सरकार ने 14 और 15 अक्तूबर की तारीख दी है. अंतिम तारीखों पर फ़ैसला बाक़ी है. |
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