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पीडब्ल्यूजी का भी युद्धविराम का ऐलान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नक्सलियों के संगठन पीपुल्स वार ग्रुप (पीडब्ल्यूजी) ने आंध्र प्रदेश में तीन महीने के युद्धविराम की घोषणा की है. सरकार के युद्ध विराम के प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संगठन ने कहा है कि वह अपनी हथियार बंद कार्रवाई रोक रहा है. सरकार की ओर से गत 16 जून से ही युद्ध विराम लागू हो चुका है. हैदराबाद में बीबीसी को भेजे गए एक बयान में पीडब्लूजी पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश ने कहा है कि संगठन अपनी सशस्त्र कार्रवाई रोक रही है लेकिन गाँवों में अपने क्रांतिकारी विचारों का प्रचार करना वह जारी रखेगी. उन्होंने अपने बयान में कहा है कि इस बीच संगठन किसी भी राजनीतिक दल की गतिविधियों में बाधा नहीं डालेगी और राजनीतिक दलों को भी चाहिए कि वे पीडब्लूजी की गतिविधियों में बाधा न पहुँचाएँ. प्रकाश ने कहा है कि चूँकि पीडब्लूजी एक प्रतिबंधित संगठन है इसलिए हो सकता है कि उनके कार्यकर्ताओं तक संदेश पहुँचने में थोड़ी देर हो जाए. अब सरकार को बुद्धिजीवियों की एक समिति बनानी है जो सरकार और नक्सलियों के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाए. संगठन ने अपनी ओर से शांतिवार्ता पर नज़र रखने के लिए राष्ट्रीय सचिव रामकृष्ण का नाम घोषित किया है. बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारुख़ के अनुसार इसके साथ ही राज्य में तीन दशक पुरानी नक्सली समस्या के हल की दिशा में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. |
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