|
आंध्र में पीडब्ल्यूजी पर से प्रतिबंध हटा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में सरकार ने माओवादी विद्रोही संगठन पीपुल्स वॉर ग्रुप, पीडब्ल्यूजी पर से प्रतिबंध हटा लिया है. राज्य के गृह मंत्री के जनारेड्डी ने विद्रोहियों के प्रतिनिधियों से बातचीत और मध्यस्थों से दिनभर चली बातचीत के बाद ये घोषणा की. उनका कहना था कि सरकार ने ये फ़ैसला विभिन्न संगठनों और मध्यस्थों से बातचीत के बाद किया है. इस संगठन पर 1992 में जन सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रतिबंध लगाया गया था. वर्ष 1995 में इस पर एक वर्ष के लिए ढील दी गई और फिर प्रतिबंध लगा दिया गया. विद्रोही संगठन ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है. संगठन के एक प्रवक्ता ने इसे सरकार का एक हौसले वाला क़दम बताया है. उनका कहना था कि इस प्रतिबंध से न सिर्फ़ उनका संगठन प्रभावित हो रहा था बल्कि इससे राज्य के लोग भी प्रभावित हो रहे थे. प्रवक्ता के अनुसार इससे लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार भी बहाल होंगे. मगर राज्य के गृह मंत्री ने संगठन के लोगों को हथियार लेकर घूमने से मना किया है. वैसे पीपुल्स वॉर ग्रुप के नीति निर्माताओं ने बीबीसी को बताया है कि आत्मरक्षा के लिए हथियार रखना उनका अधिकार है. नागरिक अधिकारों से जुड़े कुछ कार्यकर्ता और अनुभवी पत्रकार मध्यस्थों के तौर पर बातचीत में हिस्सा ले रहे हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||