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सीटें नहीं बाँट पाए सोनिया-लालू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार और झारखंड में सीटों के बँटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनता पार्टी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से मिले. लेकिन दोनों नेता मिलकर एक घंटे की चर्चा के बाद भी सीटों का बँटवारा नहीं कर सके. इस बैठक के बाद सीटों के बँटवारे के बारे में कुछ कहने की जगह लालू प्रसाद यादव ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) हर हाल में एक रहेगा. दोनों दलों के बीच गत सात जनवरी से खींचतान चल रही है जब झारखंड में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सीटों के बँटवारे की घोषणा कर दी थी और आरजेडी को अपेक्षा से बहुत कम सीटें दी गई थीं. इसके बाद लालू प्रसाद यादव ने नाराज़गी ज़ाहिर की थी. हालांकि सोनिया गाँधी के हस्तक्षेप के बाद सीटों के बँटवारे को लेकर लालू प्रसाद यादव ने कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह से चर्चा की थी. बुधवार को लालू प्रसाद यादव और सोनिया गाँधी के बीच हुई मुलाक़ात के बाद भी दोनों दलों के बीच कोई समझौता होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं. लालू प्रसाद यादव की बातों से ये संकेत ज़रुर मिलते हैं कि सीटों की संख्या को लेकर दोनों दलों के बीच मतभेद क़ायम हैं क्योंकि लालू प्रसाद यादव ने कहा, "सभी दलों के अपने अपने आधार हैं और इसी के आधार पर लड़ना चाहिए." उन्होंने कहा, "हमने सोनिया गाँधी से कहा है कि यूपीए को मिलकर लड़ना चाहिए. हालांकि हमारी जीत तो पक्की है." संवाददाताओं का कहना है कि लालू प्रसाद यादव की बातों से संकेत मिल रहे हैं कि सीटों के बँटवारे पर सहमति होती नहीं दिख रही है और लगता है कि दोनों दल कई सीटों पर 'दोस्ताना लड़ाई' कर सकते हैं. हालांकि राजनीतिक दल कह रहे हैं कि इस मामले पर अभी चर्चा जारी रहेगी. |
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