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कांग्रेस और राजद में सुलह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के बीच हुआ झगड़ा अब सुलझता नज़र आ रहा है. झारखंड में सिर्फ झारखंड मुक्ति मोर्चा से गठबंधन करने के कांग्रेस के फैसले से राजद काफी नाराज़ थी और रेल मंत्री लालू ने शनिवार को यहां तक कहा कि कांग्रेस गलत संकेत दे रही है. हालांकि फिर रविवार को दोनों ही दल सुलह के मूड में थे. लालू प्रसाद ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह के घर पर बैठक की. बैठक के बाद लालू ने कहा कि यूपीए गठबंधन बरकरार है और कोई मतभेद नहीं हैं. कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह ने भी स्पष्ट किया कि गंठबंधन मिलकर बिहार विधानसभा चुनाव में उतरेगा. हालांकि जानकार मानते हैं कि जब तक बिहार विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट नहीं होती तब तक यह कहना मुश्किल है कि दोनों दलों की क्या रणनीति है. इन दोनों दलों के बीच एक तीसरा पक्ष रामविलास पासवान का है और बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि उनकी रणनीति क्या होगी. लालू की नाराज़गी लालू ने शनिवार को दिल्ली में पत्रकारों से कहा था कि वो बिहार में चुनाव से पहले सीटों के बारे में समझौते पर काँग्रेस से आगे कोई बातचीत नहीं करेंगे. लालू यादव ने स्पष्ट किया था कि पड़ोसी राज्य झारखंड में काँग्रेस ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने और फिर सीटों के बटवारे के बारे में जो फ़ैसला किया है वे उससे ख़ुश नहीं हैं. ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं कि वाम दल भी झारखंड में हुए सीटों के बटवारे से ख़ुश नहीं हैं. वे काँग्रेस को केंद्र में समर्थन दे रहे हैं. बिहार, झारखंड और हरियाणा में अगले माह विधानसभा चुनाव होने हैं. |
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