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पप्पू यादव को कहाँ रखें: सुप्रीम कोर्ट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई से पूछा है कि वह सुझाव दे कि सांसद पप्पू यादव को बेऊर जेल से हटाकर कहाँ रखा जाए जिससे उनकी 'असंवैधानिक गतिविधियों' पर रोक लगाई जा सके. सर्वोच्च न्यायालय ने पटना हाईकोर्ट में चल रहे मामले को भी सर्वोच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने के आदेश भी दिए हैं. पप्पू यादव अजीत सरकार की हत्या के मामले में ज़मानत याचिका ख़ारिज होने के बाद बेऊर जेल में रखे गए हैं. पिछले दिनों पप्पू यादव के पास से मोबाइल फ़ोन मिला था और पता चला है कि वहाँ से उन्होंने कई महत्वपूर्ण लोगों से फ़ोन पर बात की थी. इस ख़बर के बाद पटना हाईकोर्ट ने मोबाइल फ़ोन कंपनियों को अदालत में हाजिर होने के आदेश दिए हैं. इससे पहले पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर बिहार की जेलों में छापे मारे गए थे. पटना हाईकोर्ट की कार्रवाई का ज़िक्र करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति एन संतोष हेगड़े और न्यायमूर्ति एसबी सिन्हा ने कहा है कि पटना हाईकोर्ट ने मोबाइल कंपनियों को जो अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है उसे सर्वोच्च न्यायालय का आदेश माना जाना चाहिए. पप्पू यादव के वकील ने अदालत को यह आश्वासन दिया है कि भविष्य में उनकी ओर से कोई शिकायत नहीं आएगी तो अदालत ने कहा कि इस पूरे मामले में पप्पू यादव का पक्ष भी सुना जाएगा. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पीठ ने नाराज़गी से कहा है कि पप्पू यादव जेल के नियम क़ायदों का पालन नहीं कर रहे थे. पीठ ने कहा, "हमने दो बार ज़मानत रद्द कर उन्हें जेल में रखने के आदेश दिए थे न कि पाँच सितारा होटल में." |
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