|
दूसरे दौर में 50 से 55 प्रतिशत मतदान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार और झारखंड में विधानसभा चुनावों के लिए मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दूसरे चरण का मतदान ख़त्म हो गया है. इस चरण में बिहार की 82 सीटों के लिए 50 से 52 प्रतिशत मतदान हुआ और झारखंड की 29 सीटों पर करीब 55 से 60 प्रतिशत मतदान हुआ है. ये जानकारी देते हुए भारतीय चुनाव आयोग ने बताया कि दोनो राज्यों में लगभग एक लाख पचास हज़ार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे. बिहार में मतदान के दौरान कुछ जगह पर हिंसक घटनाएँ हुई हैं लेकिन कोई बड़ी घटना होने की ख़बर नहीं मिली हैं. बिहार में विभिन्न जगह पर 70 लोगों को गिरफ़्तार किया गया. पुलिस के अनुसार ये लोग मतदान में विध्न डालने की कोशिश कर रहे थे.
बिहार में चुनाव अधिकारियों ने रेल मंत्री लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल पार्टी के उन आरोपों का खंडन किया है जिनके तहत कहा गया था कि पिछड़ी जाती और मुस्लिम समुदाय के अधिकारियों को चुनाव संबंधित ज़िम्मेदारियाँ नहीं सौंपी जा रही. चुनाव अधिकारियों का कहना था कि सब नियुक्तियाँ और तबादले चुनाव निरीक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर ही किए जा रहे हैं. उधर झारखंड में अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में मतदान कम हुआ क्योंकि वामपंथी माओवादी विद्रोहियों ने हड़ताल का आहवान किया था. तीन चरण का चुनाव इन दोनों ही राज्यों में विधानसभा चुनाव तीन चरणों में पूरे होने हैं. पहले चरण का मतदान तीन फ़रवरी को हुए थे जबकि तीसरे चरण का मतदान 23 फ़रवरी को होना है. बिहार में दूसरे चरण में 86 सीटों पर मतदान होना था लेकिन चुनाव आयोग ने चार सीटों पर मतदान की तिथियाँ बदल दीं. पहले चरण में तीन फ़रवरी को हुए मतदान में बिहार की 64 और झारखंड की 24 सीटों पर मतदान हुए थे. मतगणना 27 फ़रवरी को होगी और सब नतीजे उसी दिन से आने लगेंगे क्योंकि मतदान पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से हो रहा है. मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए. नेपाल से लगी सीमा को सील कर दिया गया. बिहार के मुख्य सचिव एएस सुब्रमण्यम ने बीबीसी को बताया कि 26 हज़ार अर्धसैनिक बल के जवान, 30 हज़ार बिहार पुलिस के जवान और 40 हज़ार होमगार्ड्स को तैनात किया गया. दो हेलिकॉप्टर भी स्थिति पर नज़र रखे हुए थे. बिहार में दूसरे चरण का चुनाव सत्ताधारी राष्ट्रीय जनता दल के लिए बहुत महत्वपूर्ण था क्योंकि इस दिन उत्तरी बिहार और उत्तर-पूर्वी बिहार में मतदान हुआ जिसे पार्टी का गढ़ समझा जाता है. दूसरे चरण के प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी-अपनी पार्टी के लिए कई चुनाव सभाएँ कीं. इस चरण में एक हज़ार प्रत्याशी हैं और डेढ़ करोड़ मतदाता हैं. झारखंड झारखंड की 81 सीटों में से 29 सीटों पर दूसरे चरण का मतदान हुआ. वहाँ भी सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए और जगह-जगह पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के अलावा पूरे इलाक़े पर नज़र रखने के लिए चार हेलिकॉप्टरों लगाए गए. हिंसा की आशंका को देखते हुए अस्पतालों में विशेष प्रबंध किए गए और अस्पताल में भी एक हेलिपैड बनाया गया. इस चरण का मतदान सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण था. मतदान का ये चरण झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, राष्ट्रीय जनता दल के बिहार अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी और बिहार के कुछ प्रमुख मंत्रियों अशोक सिंह, शकुनी चौधरी और पीतांबर पासवान जैसे उम्मीदवारों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण था. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||