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दूसरे चरण का चुनाव प्रचार ख़त्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार और झारखंड में दूसरे चरण का चुनाव प्रचार ख़त्म हो गया है. इस चरण में बिहार की 243 में से 83 सीटों पर और झारखंड की 81 में से 29 सीटों पर मतदान 15 फ़रवरी को होगा. चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी अपनी-अपनी पार्टी के लिए कई चुनाव क्षेत्रों में नज़र आए. ये चरण बिहार की सत्ताधारी राष्ट्रीय जनता दल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तरी बिहार और उत्तर-पूर्वी बिहार जहाँ मतदान होगा वो पार्टी का गढ़ माना जाता है. जहाँ एक ओर चुनाव प्रचार शिखर पर था वहीं गुजरात दंगों पर बनी सीडी का विवाद भी चरम पर था. इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार में चुनाव आयोग के अधिकारियों को इस बारे में अपना स्पष्टीकरण दिया और कहा कि उनकी पार्टी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है. बिहार में इस चरण के मतदान में एक हज़ार से ज़्यादा उम्मीदवारों के भाग्य का फ़ैसला करने के लिए लगभग 1.8 करोड़ वोटर मतदान में हिस्सा ले सकते हैं. झारखंड में मतदाताओं की संख्या करीब 58 लाख है और 456 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. मतदान के इस चरण में मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, राष्ट्रीय जनता दल के बिहार अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी और बिहार के कुछ प्रमुख मंत्री अशोक सिंह और शकुनी चौधरी और पीतांबर पासवान मैदान में हैं. |
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