शेरी रहमान पर ईश-निंदा का आरोप

- Author, हफ़ीज़ चाचड़
- पदनाम, बीबीसी हिंदी संवाददाता, इस्लामाबाद
पाकिस्तान की एक अदालत ने सत्ताधारी दल पीपुल्स पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शेरी रहमान के ख़िलाफ ईश-निंदा क़ानून के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है.
पंजाब के दक्षिणी शहर मुल्तान की एक स्थानीय अदालत ने एक व्यक्ति फ़हीम अख़तर की याचिका पर यह आदेश दिया जिस में शेरी रहमान पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने ईश्वर की निंदा की है.
मुल्तान के व्यापारी फ़हीम अख़्तर ने अपनी याचिका में कहा कि 30 नवंबर 2010 को एक निजी टीवी चैनल दुनिया टीवी के एक कार्यक्रम में शेरी रहमान ने ईश-निंदा क़ानून पर बात की थी और अपमानजनक शब्द इस्तेमाल किए थे.
फ़हीम अख़्तर पहले स्थानीय पुलिस के पास गए था लेकिन पुलिस ने मुक़दमा दर्ज करने से इंकार कर दिया था तो बाद में उन्होंने अदालत में याचिका दायर की.
शेरी रहमान के वकील राशिद रहमान ने अदालत को बताया कि उन्होंने कोई अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था हुआ था और जिस टीवी कार्यक्रम की बात की जा रही है वह मुल्तान में नहीं हुआ.
स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी यूसुफ़ हारुन ने भी अदालत को बताया कि यह घटना उन की पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में नहीं हुआ इसलिए पुलिस ने मुक़दमा दर्ज नहीं किया.
शेरी रहमान के वकील राशिद रहमान ने बीबीसी को बताया कि दलीलों के बावजूद भी अदालत ने मुक़दमा दर्ज करने का आदेश दिया.

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उन्होंने कहा कि जज महर नासिर हुसैन ने अपने फ़ैसले में स्थानीय पुलिस स्टेशन को आदेश दिया कि क़ानून की धारा 154 के तहत याचिकर्ता का बयान रिकॉर्ड किया जाए जिस का मतलब यह है कि अदालत ने मुक़दमा दर्ज करने का आदेश दिया है.
याचिकर्ता फ़हीम अख़्तर ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने मुक़दमे के लिए कार्रवाई शुरु करने से पहले मुस्लिम विद्वानों से फ़तवा हासिल किया था और पुलिस स्टेशन में याचिका दायर की थी.
वकील राशिद रहमान के अनुसार वे अदालत के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे.
ग़ौरतलब है कि शेरी रहमान ने तीन फ़रवरी को ईशनिंदा क़ानून में संशोधन का प्रस्ताव करने वाले एक बिल को वापस ले लिया गया था.
उन्होंने यह निजी बिल पिछले साल नवंबर में पेश किया था. इस बिल में ईशनिंदा के अभियुक्तों के क़ानूनी अधिकारों को बेहतर करने का प्रस्ताव था.
ये बिल उस ईसाई महिला के मामले के बाद आया था, जिसमें उसे ईशनिंदा के लिए मौत की सज़ा सुनाई गई थी.
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तासीर ने ईशनिंदा क़ानून में संशोधन का समर्थन किया था जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी.












