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इसराइली सेना और हमास के बीच लड़ाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग़ज़ा पट्टी से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक़ इसराइली सेना ने अपनी सैनिक कार्रवाई तेज़ कर दी है. उत्तरी ग़ज़ा में संघर्ष तेज़ है और इलाक़ा दो हिस्सों में कट गया है. इसराइली सैनिकों ने ग़ज़ा शहर को घेर लिया है. लेकिन दोनों पक्षों को नुक़सान होने की ख़बर है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सैनिक कार्रवाई तुरंत रोकने की अपील की है. लेकिन इसराइली कार्रवाई और तेज़ हुई है. ज़मीनी हमले के अलावा इसराइली वायु सेना और नौसेना भी कार्रवाई में जुटी हुई है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ इसराइली सैनिकों और हमास चरमपंथियों के बीच गोलीबारी भी चल रही है. ये भी ख़बर आ रही है इसराइली टैंक ग़ज़ा पट्टी में काफ़ी अंदर तक घुस गए हैं. एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि एक स्कूल और मुख्य बाज़ार में हुई इसराइली गोलाबारी में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं. कार्रवाई ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ नौ दिन पहले शुरू हुई इसराइली सैनिक कार्रवाई में अभी तक 470 लोगों की मौत हो चुकी है. रॉकेट हमले में चार इसराइली मारे गए हैं.
इसराइली सेना का कहना है कि ज़मीनी लड़ाई अभी शुरुआती चरण में है लेकिन इसके कारण इसराइली इलाक़ों पर होने वाले रॉकेट हमलों में कमी आई है. सेना ने कहा है कि उसे हमास के उस दावे के बारे में कोई सूचना नहीं है, जिसमें हमास ने कहा था कि उसने एक इसराइली सैनिक को पकड़ लिया है. इस बीच मिस्र और जॉर्डन ने ग़ज़ा में इसराइली कार्रवाई की आलोचना की है. मिस्र और जॉर्डन ही अरब में दो ऐसे देश हैं, जिनके साथ इसराइल ने शांति समझौता किया है. मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के कार्यालय ने कहा है कि इसराइल को बिना किसी शर्त के अपनी कार्रवाई तुरंत रोकनी चाहिए. जबकि जॉर्डन के शाह अब्दुल्लाह ने भी तुरंत हमले रोकने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि इन हमलों से इसराइल की सुरक्षा नहीं हो सकती है. शाह अब्दुल्लाह ने कहा कि फ़लस्तीनियों के स्वतंत्र देश के गठन के अधिकार को मान्यता देने से ही इसराइल की सुरक्षा हो सकती है. कूटनीतिक कोशिशें इस बीच यूरोपीय संघ का एक मिशन रविवार को इलाक़े का दौरा कर रहा है. इस मिशन की अगुआई कर रहे हैं चेकोस्लोवाकिया के विदेश मंत्री कैरेल श्वार्ज़ेन्बर्ग. इस समय यूरोपीय संघ की अध्यक्षता चेकोस्लोवाकिया के पास है.
चेकोस्लोवाकिया ने शुरू में इसराइली कार्रवाई को मुख्य रूप में अपनी सुरक्षा में उठाया गया क़दम बताया था लेकिन उसके बाद से उसने संघर्षविराम की अपील की थी और ग़ज़ा में मानवीय सहायता भी भेजे जाने की मांग की. बीबीसी टेलीविज़न को दिए एक इंटरव्यू में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि दोनों पक्षों की ओर से हमले रोकने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समर्थन से एक समझौते की भी आवश्यकता है, जिसके तहत ग़ज़ा में हथियारों की तस्करी पर रोक लगे. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तीन घंटे चली बहस के बावजूद इस संकट को लेकर बयान पर सहमति नहीं बन पाई. लीबिया ने बयान में जो प्रस्ताव रखे थे, अमरीका ने उसे नामंज़ूर कर दिया. लेकिन संयुक्त राष्ट्र स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह स्पष्ट है कि इसराइल की तेज़ होती सैनिक कार्रवाई से असंतोष पनप रहा है. |
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