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बुधवार, 10 दिसंबर, 2008 को 12:16 GMT तक के समाचार
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क्या हैं मानवाधिकार घोषणापत्र के अनुच्छेद?
संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार
संयुक्त राष्ट्र ने प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार दिए हैं
दस दिसंबर 1948. यह वह ऐतिहासिक दिन है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकार पर सार्वभौम घोषणापत्र यानी यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ़ ह्मूमैनराइट्स जारी किया.

इसकी साठवीं सालगिरह पर आइए एक नज़र डालें इसके तीस अनुच्छेदों पर कि वे आख़िर हैं क्याः

1. सब लोग गरिमा और अधिकार के मामले में स्वतंत्र और बराबर है.

2. प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के सभी प्रकार के अधिकार और स्वतंत्रा दी गई है. नस्ल, रंग, लिंग, भाषा, धर्म, राजनीतिक या अन्य विचार, राष्ट्रीयता या समाजिक उत्पत्ति, संपत्ति, जन्म आदि जैसी बातों पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है.

3. प्रत्येक व्यक्ति को जीवन, आज़ादी और सुरक्षा का अधिकार है.

4. ग़ुलामी या दासता से आज़ादी का अधिकार.

5. यातना, प्रताड़ना या क्रूरता से आज़ादी का अधिकार.

6. क़ानून के सामने समानता का अधिकार.

7. क़ानून के सामने सभी को समान संरक्षण का अधिकार.

8. अपने बचाव में इंसाफ़ के लिए अदालत का दरवाज़ा खटखटाने का अधिकार.

9. मनमाने ढंग से की गई गिरफ़्तारी, हिरासत में रखने या निर्वासन से आज़ादी का अधिकार.

10. किसी स्वतंत्र आदालत के ज़रिए निष्पक्ष सार्वजनिक सुनवाई का अधिकार.

11. जबतक अदालत दोषी क़रार नहीं दे देती उस वक़्त तक निर्दोष होने का अधिकार.

12. घर, परिवार और पत्राचार में निजता का अधिकार.

13. अपने देश में भ्रमण और किसी दूसेर देश में आने-जाने का अधिकार.

14. किसी दूसरे देश में राजनितिक शरण मांगने का अधिकार.

15. राष्ट्रीयता का अधिकार.

16. शादी करने और परिवार बढ़ाने का अधिकार और शादी के बाद पुरुष और महिला का समानता का अधिकार.

17. संपत्ति का अधिकार.

18. विचार, विवेक और किसी भी धर्म को अपनाने की स्वतंत्रता का अधिकार.

19. विचारों की अभिव्यक्ति और जानकारी हासिल करने का अधिकार.

20. संगठन बनाने और सभा करने का अधिकार.

21. सरकार बनाने की गतिविधियों में हिस्सा लेने और सरकार चुनने का अधिकार.

22. सामाजिक सुरक्षा का अधिकार और आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की प्राप्ति का अधिकार.

23. काम करने का अधिकार, समान काम पर समान भुगतान का अधिकार और ट्रेड यूनियन में शामिल होने और बनाने का अधिकार.

24. काम करने की मुनासिब अवधि और सवैतिनक छुट्टियों का अधिकार.

25. भोजन, आवास, कपड़े, चिकित्सीय देखभाल और सामाजिक सुरक्षा सहित अच्छे जीवन स्तर के साथ स्वयं और परिवार के जीने का अधिकार.

26. शिक्षा का अधिकार. प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य हो.

27. सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने और बौद्धिक संपदा के संरक्षण का अधिकार.

28. हर व्यक्ति को एक ऐसी सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का अधिकार है जो यह सुनिश्चित करे कि इस घोषणापत्र का पालन हो पाए.

29. प्रत्येक व्यक्ति समुदाय के प्रति जवाबदेह है जोकि लोकतांत्रिक समाज के लिए ज़रूरी हैं.

30. इस घोषणापत्र में शामिल किसी भी बात की ऐसी व्याख्या न हो जिससे यह आभास मिले कि कोई राष्ट्र, व्यक्ति या गुट किसी ऐसी गतिविधि में शामिल हो सकता है जिससे किसी की स्वतंत्रता या अधिकारों का हनन हो.

इस घोषणापत्र पर भारत सहित कई अन्य देशों ने हस्ताक्षर किए हैं.

चीन में सुरक्षाकर्मीखेल और मानवाधिकार
एमनेस्टी के अनुसार चीन में मानवाधिकार की स्थिति और बिगड़ गई है.
प्रवासी कामगारयूएई में शोषण
मानवाधिकार संगठन ने यूएई में प्रवासी मज़दूरों के शोषण की शिकायत की है.
महिलाएँहिंसा की शिकार महिलाएँ
ऐमनेस्टी ने महिलाओं की स्थिति को मानवाधिकारों की सबसे बड़ी चुनौती बताया है.
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