BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 01 जनवरी, 2009 को 08:40 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
ग़ज़ा: सुरक्षा परिषद में मतदान नहीं, बमबारी जारी
सुरक्षा परिषद
अमरीका और ब्रिटेन ने कहा कि प्रस्ताव के मसौदे में हमास के रॉकेट हमलों का कोई ज़िक्र नहीं है
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ग़ज़ा संकट और वहाँ जारी हिंसा रुकवाने के विषय पर चर्चा हुई है लेकिन संघर्षविराम तत्काल लागू कराने के मुद्दे पर मतदान नहीं हो पाया है.

उधर इसराइल ने लगातार छठे दिन भी ग़ज़ा पर हवाई हमले जारी रखे हैं जबकि फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने इसराइल में और रॉकेट दाग़े हैं. इसराइली हवाई कार्रवाई में फ़लस्तीनी अधिकारियों के अनुसार 391 लोग मारे गए हैं. ग़ज़ा से चलाए गए रॉकेटों में चार इसराइली भी मारे गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अरब देशों की सरकारों और फ़लस्तीनियों की इसराइली हवाई हमलों को बंद करने की अपील सुनी. अरब लीग के अनुरोध पर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई थी.

ग़ौरतलब है कि हाल में दोनों पक्षों के बीच ग़ज़ा संबंधी संघर्षविराम समाप्त हुआ था और हमास ने ये कहते हुए इसे आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था कि इसराइल ने पहले किए गए वादे नहीं निभाए.

इससे पहले इसराइली सुरक्षा केबिनेट ने 48 घंटे के संघर्षविराम के अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. उधर हमास के नेता इसमाइल हानिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अरब ही विजयी होंगे और इसराइल ये जंग नहीं जीत सकता.

अमरीका, ब्रिटेन की आपत्तियाँ

 ग़ज़ा में इसराइल की बमबारी बर्बर और आपराधिक कार्रवाई है और यदि इसराइल हमारे हितों के ख़िलाफ़ उग्र कार्रवाई का समर्थन करता है तो मुझे इसराइल के साथ शांति वार्ता बंद करने से भी परहेज़ नहीं होगा
महमूद अब्बास

सुरक्षा परिषद में संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीनी राजदूत रिजाद मनसूर ने माँग उठाई की तत्काल संघर्षविराम के लिए ऐसा प्रस्ताव पारित किया जाए जिसे लागू करने पर इसराइल बाध्य हो.

लेकिन संयुक्त राष्ट्र में इसराइली राजदूत गेब्रियला शालेव ने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ अपनी हिफ़ाज़त के लिए उनका देश जिस भी कार्रवाई को ज़रूरी समझेगा, वह करेगा.

लीबिया ने एक प्रस्ताव का मसौदा रखा था जिसमें इसराइली सैन्य कार्रवाई की निंदा की गई थी और तत्काल संघर्षविराम की अपील की गई थी.

लेकिन अमरीका और ब्रिटेन के राजदूतों का कहना था कि प्रस्ताव के मसौदे में हमास के इसराइल के ख़िलाफ़ रॉकेट हमलों का कोई ज़िक्र नहीं है. उनके अनुसार इन हमलों के कारण ही वर्तमान संकट शुरु हुआ था.

उधर फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने धमकी दी है कि वे इसराइल के शांति वार्ता से पूरी तरह पीछे हट जाएँगे.

उनका कहना था, "ग़ज़ा में इसराइल की बमबारी बर्बर और आपराधिक कार्रवाई है और यदि इसराइल हमारे हितों के ख़िलाफ़ उग्र कार्रवाई का समर्थन करता है तो मैं इसराइल के साथ शांति वार्ता बंद करने से नहीं हिचकिचाऊँगा."

ग़ज़ा
इसराइली हवाई हमलों में 391 से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए हैं

इसराइल की ताज़ा हवाई कार्रवाई में फ़लस्तीनी संसद की इमारत, न्याय मंत्रालय की इमारत, हमास के सुरक्षा कार्यालय और बच्चों के एक अस्पताल निशाना बने हैं.

पिछले पाँच दिनों में इसराइल जेट विमानों और हेलिकॉप्टरों ने हमास के ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए हैं जिनमें सुरक्षा परिसरें, सरकारी इमारतें, तस्करी की कथित सुरंगें और चरमपंथी नेताओं के घर शामिल हैं.

दोनों पक्षों पर संघर्ष समाप्त करने का दबाव बढ़ रहा है क्योंकि ग़ज़ा में अस्पताल हताहतों को चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए जूझ रहे हैं और खाद्य पदार्थों और इंधन की ग़ज़ा में ख़ासी कमी हो गई है.

अमरीका में अनेक प्रदर्शनकारियों ने इसराइल और अमरीका के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की और उनमें से अनेक ने आरोप लगाए कि उनके दिए गए टैक्स में से अमरीकी सरकार इसराइल को सैनिक और आर्थिक सहायता देती है.

उधर संयुक्त राष्ट्र, अमरीका, रूस और यूरोपीय संघ ने संयुक्त तौर की गई अपील में कहा है - ''हम सभी पक्षों से ग़ज़ा की गंभीर मानवीय और आर्थिक ज़रूरतों को देखते हुए आवश्यक आपूर्ति को जारी रखने का अनुरोध करते हैं.''

इससे पहले इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा था कि ग़ज़ा में इसराइली सैन्य अभियान का अभी पहला चरण ही शुरू हुआ है.

इसराइल के साठ सालइसराइल के 60 साल
इसराइल के जन्म की 60वीं वर्षगाँठ पर कई सवालों के जवाब अब भी नहीं मिले.
फ़लस्तीनियों ने इसराइल का झंडा जलाया'महाविपत्ति का स्मरण'
फ़लस्तीनियों ने इसराइल के गठन की 60वीं वर्षगाँठ को 'महाविपत्ति' क़रार दिया है.
ग़ज़ा पर इसराइली हमलेइसराइल के विकल्प
ग़ज़ा से सेनाएँ हटाने के बाद क्या इसराइल कोई बड़ा हमला करेगा?
अल अक़्सा मस्जिदजंग से बदला नक्शा
इसराइल और अरब देशों के बीच जंग ने मध्य पूर्व का नक्शा ही बदल दिया.
बीबीसीबीबीसी का सर्वेक्षण
इसराइल और ईरान सबसे नकारात्मक प्रभाव डालने वाले देश माने गए हैं.
इससे जुड़ी ख़बरें
'इसराइल और हमास अपने हमले रोकें'
29 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना
ग़ज़ा पट्टी पर इसरायली हमले जारी
29 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना
इसराइल की हमले जारी रखने की धमकी
28 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना
गज़ा पर इसराइली हवाई हमले
27 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना
इसराइली हमले में 200 लोग मारे गए
27 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>