|
अर्थव्यवस्था पर ओबामा चिंतित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बराक ओबामा ने कहा है कि अमरीका की अर्थव्यवस्था एक नाज़ुक दौर से गुज़र रही है और इसका समाधान जल्द या आसान नहीं है. राष्ट्रपति चुने जाने के बाद अपनी पहली प्रेस वार्ता में बराक ओबामा ने अमरीकी अर्थव्यवस्था की ताज़ा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और साथ ही कुछ नीतिगत बदलावों के संकेत भी दिए. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका कामकाज और दखल जनवरी में पद संभालने के बाद ही शुरू हो सकेगा. तबतक उनकी भूमिका ताज़ा प्रयासों में कमियाँ निकालने की नहीं, हल खोजने की दिशा में काम करने की होगी. बराक ओबामा शुक्रवार को पहले संबोधन के लिए जब पत्रकारों के सामने आए तो उनके साथ उनके अंतरिम प्रशासनिक सहयोगी भी मौजूद थे. इनमें से अधिकतर उनके आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य थे. बराक ने कहा, "हम अपने जीवन की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती से रूबरू हैं. मैं इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए कड़ी नीतियाँ बनाने पर विचार कर रहा हूं." उन्होंने कहा, "हालांकि यह आसान नहीं होगा. ताज़ा आर्थिक संकट के गड्ढे से निकल पाना न तो आसान है और न ही इसे बहुत जल्द हासिल किया जा सकता है. पर मुझे अमरीका पर विश्वास है और हम ऐसा कर पाने में सक्षम होंगे." उन्होंने कहा कि अभी तक हम अमरीकी इतिहास के सबसे बड़े चुनावी कार्यक्रम में व्यस्त थे. पर अब वक्त राजनीति से ऊपर उठकर कुछ कर दिखाने का है. उन्होंने कहा कि देश के मध्यमवर्ग की स्थिति चिंताजनक हुई है. उसे मदद की ज़रूरत है और हमें इसके लिए आगे आना होगा. बराक ने अपने संबोधन में बताया कि इस वर्ष अमरीका में लगभग 12 लाख लोग बेरोज़गार हो चुके हैं. इनमें से दो लाख, 40 हज़ार लोग अक्टूबर महीने में बेरोज़गार हुए हैं. ईरान पर अलग नहीं बराक ने अपने भाषण की शुरुआत ही आर्थिक संकट के मुद्दे से की. पर ईरान के मुद्दे पर सवाल उठा तो बराक भी बुश और पारंपरिक अमरीकी तरीके से ही बोलते नज़र आए. उन्होंने कहा कि ईरान की स्थिति को पहले व्यक्त की गई चिंताओं से अलग करके नहीं देखा जा सकता है. बराक ने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अस्वीकार्य है और इस मुद्दे को दरकिनार नहीं किया जा सकता है. साथ ही ओबामा ने ईरान के संदर्भ में यह भी कहा कि ईरान जिस तरह से चरमपंथियों और चरमपंथ को समर्थन या संरक्षण देता रहा है, उसे भी अनदेखा नहीं किया जा सकता है. जब उनसे पूछा गया कि ईरान के राष्ट्रपति की ओर से भेजे गए बधाई संदेश पर वो किस तरह से प्रतिक्रिया व्यक्त करना चाहेंगे तो उन्होंने कहा कि उचित प्रतिक्रिया देने से पहले वो उस पत्र का अध्ययन करना चाहेंगे. बराक ओबामा ने बताया कि उनकी वर्तमान राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से बातचीत हुई है और उनके साथ आर्थिक स्थिति पर विचार विमर्श हुआ है. सोमवार को दोनों नेताओं की मुलाक़ात भी हो रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें ओबामा की सलाहकार टीम में सोनल शाह07 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना ईरान ने अमरीका को बधाई दी06 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना कीनिया में अब कई 'ओबामा' पैदा हुए06 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना ओबामा से अगले हफ़्ते मिलेंगे बुश06 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना दुनिया भर से बधाई, कीनिया में जश्न05 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना 'अमरीका में बदलाव आ गया है...'05 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना किनके समर्थन से जीते ओबामा..05 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना क्या अमरीका की छवि बदलेगी?05 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||