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सोमवार, 29 सितंबर, 2008 को 08:01 GMT तक के समाचार
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सभ्यताओं का मिलन स्थल है मार्से

फ्रांस, मार्से
मार्से ताकतवर रोम को वाइन और दूसरा सामान भेजनेवाला एक प्रमुख बंदरगाह है.
मार्से फ़्राँस का सबसे बड़ा बंदरगाह है. लेकिन साथ ही ये फ़्राँस का सबसे पुराना शहर भी है.

ढाई हज़ार साल से ज़्यादा पुराना मार्से सभ्यताओं के मिलन का स्थल रहा है, कभी प्यार से तो कभी युद्ध से भी.

मार्से के बसने की कहानी ईसा से 600 साल पहले की है. ये वो समय था जब दुनिया में महत्वपूर्ण बदलाव आ रहे थे. तकरीबन इसी समय गौतम बुद्ध का जन्म हुआ.

भारत में ये महाजनपदों का काल था – काशी, कोशल, पाँचाल, गाँधार, कुरू, मगध और अवंती जैसे महाजनपद ताकतवर थे.

लगभग इसी समय इराक़ के इलाक़े के शासक नेबुचादनज़र ने दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक हैंगिंग गार्डन ऑफ़ बैबिलोन बनाया.

ग्रीस यानी यूनान एक ताकतवर देश था और ग्रीस के ही लोगों ने ही फ़्राँस का ये शहर मार्से शहर बसाया – ग्रीस के लोग इसे मसालिया कहते थे.

महत्वपूर्ण शहर

जल्द ही मसालिया यानि ये शहर मार्से ताकतवर रोम को भी वाइन और दूसरा सामान भेजनेवाला एक प्रमुख बंदरगाह बन गया.

फ़्राँस का ओपरा
मार्से ओपेरा से लेकर हिप हॉप म्यूज़िक का प्रमुख केंद्र माना जाता है.

रोम के ताकतवर शासक जूलियस सीज़र के साथ लड़ाई में मार्से ने विपक्ष का साथ दिया और हार के बाद अपनी आज़ादी खो बैठा.

अठारवीं शताब्दी तक मार्से फ़्राँस का महत्वपूर्ण शहर बन गया था और फ़्राँस का प्रमुख सैनिक बंदरगाह भी जिसने फ़्राँस के साम्राज्यवाद को फैलाने में मदद की.

मार्से हमेशा से ही फ़्राँस में आने का पहला स्थान रहा है. 1950 के आसपास शहर की 40% जनसंख्या इतालवी लोगों की थी. युद्धों और परेशानियों से बचने के लिए लोग यहाँ आते रहे हैं.

1915 में आर्मेनियाई, 1917 में रूसी, 1936 के बाद स्पेन के कई लोग और उत्तरी अफ़्रीका के लोग – यहीं से फ़्राँस में आकर बस गए.

आज मार्से ओपेरा से लेकर हिप हॉप म्यूज़िक का प्रमुख केंद्र माना जाता है. इसके समुद्र तट के किनारे दुनिया के कई अरबपतियों ने घर खरीद रखे हैं.

कई फ़िल्में यहाँ बनी हैं जैसे -- द फ़्रेंच कनेक्शन, द मार्से कॉन्ट्रैक्ट और 1998 में कई अवॉर्ड जीतने वाली टैक्सी और हाल ही में द बोर्न आयडेंटिटी और लव एक्चुअली.

तो सभ्यताओं के मिलन के इस ऐतिहासिक शहर में भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यूरोप के नेताओं से मिलकर भारत और यूरोप के रिश्तों को एक नयी ऊँचाई देने की नींव रखना चाहते हैं. साथ ही यहाँ भारत और फ़्राँस के बीच होने वाले परमाणु समझौते के बारे में भी बात होगी.

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