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रेल की रफ़्तार का नया रिकॉर्ड | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ्रांस ने सबसे तेज़ गति से रेल चलाकर ट्रेनों की रफ़्तार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इस गाड़ी, टीजीवी में तीन दो मंज़िला डिब्बे लगाए गए हैं. लेकिन यह रिकॉर्ड परंपरागत तरीक़े से पटरी पर दौड़ने वाली रेलगाड़ियों की श्रेणी तक ही सीमित है क्योंकि जापान की चुंबकीय प्रणाली से चलने वाली ट्रेन मैगलेव की अधिकतम गति 581 किलोमीटर प्रति घंटा है. जापान ने इसे वर्ष 2003 में तैयार किया था पर फ्रांस की नई टीजीवी रेलगाड़ी चुंबकीय प्रणाली से नहीं बल्कि परंपरागत पटरी पर चलती है और इससे तेज़ गति की पटरी पर चलने वाली दूसरी और कोई रेलगाड़ी नहीं है. इससे पहले 1990 में सबसे तेज़ गति (515 किलोमीटर प्रति घंटा) की टीजीवी रेलगाड़ी इजाद की गई थी पर इस नई रेलगाड़ी ने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. गति के इस नए रिकॉर्ड के बारे में अगर कहा जाए कि यह हवा से बात करने जैसा है तो कोई ग़लत नहीं होगा. इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इस्तेमाल किए गए स्पिटफ़ायर फ़ाइटर विमानों की अधिकतम रफ़्तार इस नई रेलगाड़ी की रफ़्तार के बराबर है. तेज़ रफ़्तार टीजीवी बिजली के हाई टेंशन तारों से चलने वाली इस रेलगाड़ी को अधिकतम गति तक पहुँचाने के लिए इसमें हमें करंट 25000 वोल्ट से बढ़ाकर 31000 वोल्ट करना पड़ा. फ्रांस के राष्ट्रपति ने इस नई सफलता के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे फिर से स्थापित हो गया है कि फ्रांस का रेल उद्योग सर्वश्रेष्ठ है. इस ट्रेन के निर्माण में लगे रहे इंजीनियर एरिक पिज़ाक कहते हैं, "सब कुछ बहुत बेहतर ढंग से हुआ. ऐसे 10000 इंजीनियर होंगे जो मेरी जगह पाना चाहते होंगे. मैं इस नई गति को हासिल करके काफ़ी ख़ुश हूँ. इससे मुझे गर्व और सम्मान का अनुभव होता है." फ्रांस में वर्ष 1981 से टीजीवी रेलगाड़ियाँ यात्री सेवा के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं. ये अभी तक 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलती रही हैं पर अब 10 जून से ये रेलगाड़ियों पेरिस और स्ट्रासबर्ग के बीच 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलेंगी. | इससे जुड़ी ख़बरें पटरियों पर लौट रही है थार एक्सप्रेस16 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस लंदन सात जुलाई के बाद...26 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना रेलगाड़ियों में होंगी ट्रेन होस्टेस10 मई, 2004 | भारत और पड़ोस दुनिया की बड़ी रेल दुर्घटनाएँ23 अप्रैल, 2004 | पहला पन्ना बहुत छोटा स्टेशन है ये21 फ़रवरी, 2003 | खेल भोपाल एक्सप्रेस 'सबसे बढ़िया' | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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