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फ्रांस में हड़ताल से कामकाज ठप | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ्रांस में औद्योगिक हड़ताल दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर गई है और परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र के हड़ताली कर्मचारियों में लाखों नौकरशाह भी शामिल हो गए हैं जिससे स्थिति बहुत गंभीर हो गई है. डाक कर्मचारी, शिक्षक, वायु यातायात नियंत्रक यानी एटीसी और अस्पतालों के कर्मचारियों ने वेतन में कमी और नौकरियों में कटौती करने की सरकार की योजना के ख़िलाफ़ 24 घंटे का चक्का जाम करने की घोषणा की है जो सोमवार रात से शुरू हुआ. रेल और बस कर्मचारी पहले से ही हड़ताल पर हैं और मंगलवार को उनकी हड़ताल सातवें दिन में प्रवेश कर गई. ये कर्मचारी पेंशन में कटौती करने की सरकारी योजनाएं को ख़िलाफ़ अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं. उधर विश्वविद्यालय कोष में सुधार की योजनाओं के ख़िलाफ़ छात्र भी प्रदर्शन कर रहे हैं. राष्ट्रपति निकोलस सरकोज़ी ने मई 2007 में यह पद संभाला था और यह शायद यह पहला इतना बड़ा प्रदर्शन है जिसका वह सामना कर रहे हैं. इस ताज़ा चक्का जाम की वजह से स्कूल बंद हैं और अस्पतालों में भी सीमित सेवाएँ मुहैया कराई जा रही हैं. अख़बार बेचने वालों के पास अख़बार नहीं पहुँचे हैं. अफ़रा-तफ़री एक दिन के इस चक्का जाम की वजह से दो हवाई अड्डों पर काफ़ी अफ़रा-तफ़री मच गई और कुछ उड़ानों में विलंब हुआ है जबकि कुछ रद्द ही करनी पड़ी हैं. ऊर्जा क्षेत्र के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली यूनियन ने कहा है कि सोमवार रात को शुरू हुई एक दिन की हड़ताल के दौरान परमाणु संयंत्रों में ऊर्जा क्षमता में नौ प्रतिशत की कटौती की गई है. फ्रांस की वित्त मंत्री क्रिस्टीन लेगार्दे ने कहा है कि इस हड़ताल और चक्का जाम से देश को हर दिन लगभग 40 करोड़ यूरो यानी 29 करोड़ पाउंड का नुक़सान हो रहा है. फ्रांस की तीव्र गति से चलने वाली टीजीवी रेलगाड़ियों में से लगभग आधी रेलगाड़ियाँ ही मंगलवार को चलीं जबकि राजधानी पेरिस में तीन में से सिर्फ़ एक मैट्रो रेलगाड़ी चली. यही हाल बसों का था और आधे से कम बसों के ही चलने की संभावना थी.
इस हड़ताल की वजह से पूरे फ्रांस में लाखों यात्रियों को भारी असुविधा हुई है और मंगलवार को अनेक सड़कों पर यातायात जाम हो गया था इनमें बहुत से ऐसे वाहन भी थे जो पेरिस की तरफ़ आ रहे थे. पेरिस में अपने काम के स्थान की तरफ़ पैदल चलने की कोशिश कर रहे 56 वर्षीय एक यात्री गुई काऊसेराँ का कहना था, "लोगों के एक छोटे से दल ने देश को जैसे बंधक बना लिया है. यह निंदनीय है और इस स्थिति पर बहुत ग़ुस्सा आ रहा है." क़रीब 52 लाख सरकारी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली यूनियनों का कहना है कि वर्ष 2000 के बाद से उनके ख़र्च में क़रीब छह प्रतिशत की कमी आई है जबकि सरकार इन आँकड़ों को ग़लत बताती है. फ्रांस में लगभग दो करोड़ कर्मचारी हैं. यूनियनें वर्ष 2008 में क़रीब 23 हज़ार नौकरियाँ समाप्त करने की सरकारी योजना का भी विरोध कर रहे हैं. इनमें से लगभग आधी नौकरियाँ शिक्षा क्षेत्र में समाप्त की जाएंगी. देश के 85 विश्वविद्यालयों में छात्र कक्षाएँ नहीं होने दे रहे हैं. सरकार ने एक योजना बनाई है जिसके तहत विश्वविद्यालयों को ग़ैरसरकारी धन का जुगाड़ करना होगा और छात्र इस योजना का नवंबर के शुरू से ही विरोध कर रहे हैं जिसके तहत वे प्रदर्शन कर रहे हैं और कक्षाओं में बाधा पहुँचा रहे हैं. परिवहन यूनियनों ने सोमवार को अपनी हड़ताल बढ़ाने के समर्थन में बहुमत से वोट दिए थे लेकिन वे सरकारी रेल कंपनी एसएनसीएफ़ के साथ बातचीत के लिए भी तैयार हो गए हैं. उधर सरकार ने अपना वह रुख़ लचीला किया है कि वे हड़ताली कर्मचारियों के साथ तब तक कोई बातचीत नहीं करेंगे जबतक वे हड़ताल समाप्त करके काम पर वापिस नहीं लौटते हैं. यह बातचीत बुधवार को होने की संभावना है. | इससे जुड़ी ख़बरें सार्कोज़ी को आरामतलबी पसंद नहीं16 मई, 2007 | पहला पन्ना शिराक ने सार्कोज़ी को सत्ता सौंपी16 मई, 2007 | पहला पन्ना रेल की रफ़्तार का नया रिकॉर्ड03 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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