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बातचीत से पहले दलाई लामा की निंदा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के सरकारी मीडिया ने दोबारा तिब्बत के नेता दलाई लामा की कड़ी आलोचना शुरु कर दी है. ग़ौरतलब है कि इस दौरान दलाई लामा के दो प्रतिनिधि चीन की सरकार के साथ बातचीत के लिए वहाँ जा रहे हैं. उधर ओलंपिक मशाल यात्रा 1999 में पुर्तगाल के नियंत्रण से वापस चीन को मिले शहर मैकौ पहुँच गई है. ये मशाल हांगकांग से मैकौ पहुँची है जहाँ उसकी यात्रा शुक्रवार को शांतिपूर्ण ही रही. इसके बाद मशाल चीन के अन्य शहरों में जाएगी. चीन की चुप्पी तिब्बत डेली नाम के अख़बार ने कहा है दलाई लामा 'अनेक अपराधों के लिए ज़िम्मेदार' हैं. अख़बार ने ये आरोप भी लगाया है कि मार्च में तिब्बत में हुए दंगों के पीछे दलाई लामा का हाथ था. दलाई लामा लगातार इन आरोपों को ख़ारिज करते आए हैं.
निर्वासित तिब्बती सरकार का कहना है कि उसके दो दूत - लोदी गयारी और केलसांग ग्लालत्सेन तिब्बत में शांति स्थापित करने के लिए सुझाव चीन की सरकार के समक्ष रखेंगे. पश्चिमी देशों ने चीन पर दबाव बनाया है कि वह दलाई लामा से बातचीत शुरु करे. दोनों पक्षों के बीच वर्ष 2002 से छह बैठकें हो चुकी हैं लेकिन कभी कोई बड़ी उपलब्धी हासिल नहीं हुई है. महत्वपूर्ण है कि चीन की सरकार ने इस बातचीत के बारे में कुछ ख़ास नहीं कहा है. बैठक अज्ञात जगह पर हो रही है और इस बारे में चीन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. |
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