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मंगलवार, 18 मार्च, 2008 को 14:05 GMT तक के समाचार
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तिब्बतियों ने कहा, 'थैंक्यू इंडिया'

प्रदर्शनकारी तिब्बती
आंदोलनकारी ओलंपिक खेलों के वक्त तिब्बत मामले में चीन पर अंतरराष्ट्रीय दबाव डलवाना चाहते हैं
हम जैसे ही पंजाब के नंगल से ऊना में दाख़िल हुए, सङ़क के किनारे-किनारे क़रीब 50 लोग हाथों में महात्मा गांधी और दलाई लामा की तस्वीरें लगी तख़्तियाँ लिए, मुँह पर पट्टी बांधे तेज़ कदमों से बढ़ते नज़र आए.

इन तख़्तियों पर "थैंक्यू इंडिया" के नारे भी लिखे थे. ये नारा मन में कौतूहल पैदा करने के लिए काफ़ी था.

ये लोग नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ तिब्बत के कार्यकर्ता थे जो धर्मशाला से दिल्ली की तरफ़ मार्च कर रहे थे.

कौतूहल था कि ये लोग भारत को किसलिए धन्यवाद कह रहे हैं जबकि भारत ने इनकी मांग या फिर तिब्बत में चीन के दमन के ख़िलाफ़ इनके आंदोलन को कोई समर्थन नहीं दिया है.

भारत के आभारी

इसी सवाल के जवाब के लिए हमने इस दल का नेतृत्व कर रहे छीमी यूंगडूंग से बात की. छीमी यूंगडूंग का कहना था कि वो भारत में चालीस साल से रह रहे हैं जिसके लिए वो भारत का आभार प्रकट कर रहे हैं.

उनके अनुसार, "अब वो अपने देश तिब्बत लौटना चाहते हैं जहाँ तिब्बत के आम लोग आज़ादी के लिए लड़ रहे हैं."

भारत सरकार के रवैये के बारे में उन्होंने कहा कि राजनीतिक अधिकार के अलावा भारत ने उन्हें सब कुछ दिया है पर भारत एक बड़ा मुल्क़ है और भारत को एक मजबूर राष्ट्र की तरह पेश न आकर उनके आंदोलन को खुला समर्थन देना चाहिए.

प्रदर्शनकारी तिब्बती
आंदोलनकारियों के पहले जत्थे को कांगड़ा में गिरफ़्तार कर लिया गया. वहीं से उन्होंने सोमवार को ये मार्च फिर शुरू किया

यूंगडूंग कहते हैं, “बीजिंग में होने वाले ओलंपिक खेलों की वजह से पूरी दूनिया की नज़र इस समय चीन पर है और इसलिए तिब्बत की आज़ादी की मांग करने वालों ने ये समय सोच-समझ कर चुना है जिससे उनकी मांग पर कुछ अंतरराष्ट्रीय दबाव भी चीन पर बने.”

पक्का इरादा

तिब्बत के धर्मगुरु दलाईलामा के तिब्बत की आज़ादी की बजाय स्वायत्तता पर समझौते पर इन कार्यकर्ताओं ने कहा, "दलाई लामा का दिल बहुत बड़ा है इसलिए वो ऐसा कह सकते हैं पर हम इतने बड़े नहीं हैं इसलिए तिब्बत की आज़ादी के लिए लड़ते रहेंगे."

जुलूस में शामिल नेताओं का कहना था कि इस आंदोलन में पांच संगठन शामिल हैं. अगर कहीं इस जत्थे को भी गिरफ़्तार कर लिया गया तो वहीं से दूसरा जत्था दिल्ली की तरफ कूच करेगा.

उन्होंने दावा किया कि सोमवार रात एक बौद्ध मठ से डेढ़ हज़ार लोग निकले जिन पर चीनी प्रशासन की तरफ़ से गोली चलाई गई. उनके अनुसार इस गोलीबारी में दो लोगों की मौत भी हुई.

पर ज़ाहिर है कि यह उनका दावा है, इसकी पुष्टि फ़िलहाल हम कर नहीं पाए हैं.

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