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ग्रीस ने चीन को सौंपी ओलंपिक मशाल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़पों के बीच ग्रीस में ओलंपिक मशाल चीन को सौंप दी गई है. तिब्बत के समर्थन में आए कुछ प्रदर्शनकारियों ने स्टेडियम में घुसकर पुलिस कॉर्डन तोड़ने की कोशिश की. एथेंस में हज़ारों लोगों की मौजूदगी के बीच ओलंपिक मशाल को स्टेडियम में लाया गया और उसे चीन में ओलंपिक खेलों के आयोजक लुई की को सौंप दिया गया. उन्होंने कहा,"मशाल को माउंट एवरेस्ट पर भी ले जाया जाएगा जो मानव सभ्यता के विकास में ओलंपिक की यात्रा को दर्शाता है." स्टेडियम के बाहर कुछ लोग एक बैनर लेकर आए थे जिस पर लिखा हुआ था 'तिबब्त में नरसंहार बंद करो' लेकिन ये लोग स्टेडियम के अंदर नहीं आ सके. इस सिलसिले में छह लोगों को पकड़ लिया गया. प्रदर्शनों को देखते हुए ग्रीस में ओलंपिक टॉर्च का रास्ता बदल दिया गया था. एक लैंप में सुरक्षित ओलंपिक टॉर्च को विमान के ज़रिए चीन ले जाया जाएगा. ग्रीस में ओलंपिक मशाल की यात्रा के दौरान तिब्बत मुद्दे पर कई बार लोगों ने प्रदर्शन किया है. ओलंपिक मशाल 24 मार्च को ओलंपिया में जलाई गई थी. सोमवार को इस मशाल का चीन में स्वागत किया जाएगा. इसके बाद मशाल को 20 देशों की यात्रा पर ले जाया जाएगा. आठ अगस्त को ओलंपिक खेलों के उदघाटन के लिए इसे वापस चीन लाया जाएगा. वहीं भारत में कई निर्वासित तिब्बतियों ने 'आज़ादी की मशाल' नाम से एक यात्रा शुरु की है. इसका मकसद चीन के प्रति विरोध जताना है. ये यात्रा रविवार को दिल्ली में शुरु की गई और नौ अप्रैल को ये सैन फ़्रांसिस्को जाएगी. निर्वासित तिब्बत सरकार का कहना है कि हाल में चीन में सुरक्षाबलों के साथ झड़प में कम से कम 140 लोग मारे गए थे लेकिन चीन का कहना है कि हिंस पर उतारू भीड़ में 19 लोगों की मौत हो गई. | इससे जुड़ी ख़बरें विरोध के बीच जली ओलंपिक मशाल24 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया 'मैं ओलंपिक खेलों का समर्थन करता हूँ'23 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस क्या इस ओलंपिक में बनेंगे विश्व रिकॉर्ड..?18 मार्च, 2008 | पहला पन्ना तिब्बत ने बढ़ाई बीजिंग की उलझन15 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस विरोध जताने निकले निर्वासित तिब्बती...10 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'ओलंपिक खेलों पर राजनीति हो रही है'12 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस दर्शकों को उत्साह बढ़ाने का प्रशिक्षण 30 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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