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'संकट से निकल आएगा बीजिंग ओलंपिक' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के प्रमुख ने कहा है कि चीन विरोधी प्रदर्शनों से संकट पैदा हो गया है लेकिन बीजिंग ओलंपिक इस संकट से बाहर निकल आएगा. आईओसी के प्रमुख ज़ॉक रोख़े ने बीजिंग में राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की बैठक में कहा है कि बीज़िंग ओलंपिक खेल सफल होंगे. लेकिन रोख़े ने चीन से यह अपील भी की कि वह ओलंपिक से पहले मानवाधिकार मामले में अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी का सम्मान करे. दूसरी ओर चीन ने उम्मीद जताई है कि आईओसी अपने को व्यर्थ के राजनीतिक दख़ल से अलग रखेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग यू ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि ओईओसी के अधिकारी सभी तरह की गड़बड़ी को दूर कर सकते हैं और ओलंपिक चार्टर के सिद्धांतों का पालन करना जारी रखेंगे." प्रदर्शनकारी चीन के मानवाधिकार रिकॉर्ड का विरोध कर रहे हैं. साथ ही वे तिब्बत में प्रदर्शनकारियों पर चीन की कार्रवाई का भी विरोध कर रहे हैं. इस कारण ब्रिटेन, फ़्रांस और अमरीका में ओलंपिक मशाल रिले का भी जम कर विरोध हुआ. अधिकार तिब्बतियों के धार्मिक गुरु दलाई लामा ने गुरुवार को एक बार फिर कहा कि चीन को ओलंपिक की मेज़बानी करनी चाहिए लेकिन प्रदर्शनकारियों को भी अहिंसक तरीक़े से अपनी बात रखने का अधिकार है.
गुरुवार को ही यूरोपीय संसद के सदस्यों ने यूरोपीय संघ के नेताओं से अपील की है कि अगर चीन और दलाई लामा के बीच बातचीत नहीं शुरू होती है तो उन्हें बीजिंग ओलंपिक का बहिष्कार करना चाहिए. दूसरी ओर बीजिंग में राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की बैठक में ज़ॉक रोख़े ने कहा, "ये वाक़ई बहुत बड़ा संकट है जिसका आईओसी को सामना करना पड़ रहा है." उन्होंने कहा कि चीन के अधिकारियों ने कहा था कि बीजिंग को ओलंपिक खेलों की मेज़बानी देने से चीन में सामाजिक बदलाव में सुधार होगा जिनमें मानवाधिकार भी शामिल है. रोख़े ने कहा कि ये एक नैतिक ज़िम्मेदारी है और उन्हें उम्मीद है कि चीन इसका सम्मान करेगा. हालाँकि राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के एसोसिएशन और आईओसी कार्यकारी बोर्ड की संयुक्त बैठक में उन्होंने कहा कि अधिकारियों को एथलीटों को एक बार फिर भरोसा दिलाना चाहिए. विरोध इस बीच राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हासिल करने के लिए पसीना बहा रहे बराक ओबामा और हिलरी क्लिंटन ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से अपील की है कि अगर चीन अपने मानवाधिकार रिकॉर्ड में सुधार नहीं करता, तो उन्हें बीजिंग ओलंपिक के उदघाटन समारोह का बहिष्कार करना चाहिए.
अमरीकी प्रतिनिधि सभा ने तो एक प्रस्ताव पास करके तिब्बत में चीन की कार्रवाई की आलोचना की है. उधर ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन के प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री उदघाटन समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे हालाँकि वे ऐसा नहीं करना चाहते थे और वे समापन समारोह में ज़रूर हिस्सा लेंगे. 24 मार्च को ग्रीस में ओलंपिक मशाल जलाई गई थी और उसके बाद 20 देशों से होते हुए ये मशाल आठ अगस्त को बीजिंग ओलंपिक से उदघाटन समारोह में पहुँचेगी. लेकिन मशाल रिले के दौरान कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए. लंदन में मशाल बुझाने की कोशिश की गई तो पेरिस में सुरक्षा कारणों से तीन बार मशाल को बुझाया गया. |
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