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मशाल के साथ-साथ अमरीका पहुँचा विरोध | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ओलंपिक मशाल के पीछे-पीछे तिब्बतियों का चीन विरोध भी सैन फ़्रांसिस्को पहुँचा है. पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम के लिए स्थानीय प्रशासन ने पुलिस वालों की छुट्टियाँ रद्द कर दी हैं. यहाँ बुधवार को मशाल यात्रा का कार्यक्रम है. 10 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को किसी तरह की बाधा से बचाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा का ज़बर्दस्त बंदोबस्त किया है. मशाल पहुँचने के बाद चीनी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने तिब्बत को लेकर चीनी नीति के ख़िलाफ़ एक सभा की. इसके बाद सैकड़ों की संख्या में तिब्बतियों और समर्थकों ने मोमबत्तियों के साथ प्रदर्शन किया. ग्रीस से लेकर लंदन और पेरिस तक तिब्बतियों और उनके समर्थकों ने मशाल यात्रा को बाधित करने की कोशिश की थी. पेरिस में तो प्रदर्शनकारियों से बचाने के लिए मशाल को कई बार बुझाना भी पड़ा था. लंदन में भी बाधा पहुँचाने की कोशिश में 37 लोग गिरफ़्तार किए गए थे. गोपनीयता सैन फ़्रांसिस्को पहुँचते ही मशाल को गोपनीय ठिकाने पर ले जाया गया है. मशाल यात्रा का मार्ग वैसे तो तय है लेकिन विरोध को देखते हुए पुलिस ने मार्ग में अचानक परिवर्तन की संभावना से इनकार नहीं किया है.
शहर के मेयर गैविन न्यूसम ने कहा कि प्रदर्शनकारियों से निबटने के तरीक़ों को लेकर वे ब्रिटेन और फ़्रांस के अधिकारियों के संपर्क में हैं. मशाल को 24 मार्च को ग्रीस में जलाया गया था और आठ अगस्त को बीजिंग पहुँचने से पहले इसको 20 देशों से गुजारे जाने का कार्यक्रम है. प्रदर्शनकारी पिछले दिनों तिब्बत में चीन विरोधी प्रदर्शन के दौरान बौद्ध भिक्षुओं और तिब्बतियों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और तिब्बत की स्वायत्तता की माँग कर रहे हैं. तिब्बत की आज़ादी माँग रहे ये लोग मशाल को तिब्बत से ले जाने का भी विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस तरह से चीन यह साबित करना चाहता है कि तिब्बत उसका हिस्सा है. निर्वासित तिब्बतियों का कहना है कि तिब्बत में पिछले दिनों हुए प्रदर्शन के दौरान चीनी सुरक्षा बलों ने 80 से ज़्यादा लोगों को मार दिया जबकि चीन मरने वालों की संख्या 19 बताता है. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका में मशाल की सुरक्षा की चिंता08 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया 'कोई नहीं रोक सकता ओलंपिक मशाल'08 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया प्रदर्शनों के बीच चार बार बुझी मशाल07 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना 'ओलंपिक मशाल थामेंगे सचिन तेंदुलकर'07 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया आईओसी ने तिब्बत पर चिंता जताई07 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया प्रदर्शनकारियों ने डाली मशाल में बाधा06 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया तिब्बत पर बीजिंग ने फिर बजाई घंटी03 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस भूटिया ने मशाल थामने से इनकार किया01 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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