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भूटिया ने मशाल थामने से इनकार किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय फ़ुटबॉल टीम के कप्तान बाइचुंग भूटिया ने 17 अप्रैल को नई दिल्ली में होने वाली ओलंपिक मशाल रिले में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है. भूटिया को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने बीजिंग ओलंपिक की मशाल दौड़ में शामिल होने का निमंत्रण दिया था लेकिन उन्होंने सोमवार को तिब्बती समुदाय से सहानुभूति जताते हुए उन्होंने इससे इनकार कर दिया है. एक अंग्रेज़ी दैनिक से बातचीत में बाइचुंग भूटिया ने कहा, '' मैं तिब्बत के मुद्दे पर सहानुभूति रखता हूँ. सिक्किम में मेरे कई साथी हैं जो बौद्ध धर्म को मानते हैं.'' उन्होंने कहा, '' तिब्बत के लोगों और उनके संघर्ष में साथ देने का ये मेरा तरीक़ा है. मैं किसी भी तरह की हिंसा का विरोध करता हूँ.'' पुख़्ता सुरक्षा ग़ौरतलब है कि भूटिया बौद्ध धर्म को मानते हैं और भारत के उत्तर-पूर्व प्रदेश सिक्किम से ताल्लुक रखते हैं. ये भारत का वही हिस्सा है जिस पर लंबे समय से चीन अपने अधिकार का दावा कर रहा है.
उधर, भारत सरकार ने चीन को आश्वस्त किया है कि मशाल को भारत में पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी. गृह मंत्रालय ने सोमवार को ओलंपिक मशाल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है. केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लिया और कड़े सुरक्षा इंतज़ाम करने के लिए कहा. |
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