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चीनी अब देख पा रहे हैं बीबीसी वेबसाइट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वर्षों तक चीनी सरकार की कड़ी पहरेदारी के बाद ख़बर है कि अब चीन के लोग बीबीसी की अँगरेज़ी वेबसाइट देख पा रहे हैं. चीन की सरकार बीबीसी जैसी विदेशी वेबसाइटों पर समय-समय पर रोक लगाती रही है. चीन में काम कर रहे बीबीसी के पत्रकारों का कहना है कि अब वे खबरों को बीबीसी वेबसाइट पर देख पाते हैं लेकिन चीनी भाषा से संबंधित सेवाओं को वेबसाइट पर देखना-पढ़ना अब भी मुमकिन नहीं है. हालांकि चीनी सरकार ने कभी भी बीबीसी वेबसाइट पर रोक लगाने की बात नहीं मानी थी. न ही चीनी सरकार आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर रही है कि उसने वेबसाइट पर से रोक हटा ली है. लेकिन चीन में जब-जब बीबीसी वेबसाइट देखने की कोशिश की जाती थी कंप्यूटर के पर्दे पर 'इंटरनेट को फिर से जोड़ा जा रहा है' का संदेश दिखाई देता था. पहरेदारी तकनीक विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों की अनुमति के बिना इस तरह वेबसाइट को देखना संभव नहीं है. चीन में इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों पर चीनी सरकार की पहरेदारी है. इस वर्ष बीजिंग में होने वाले ओलंपिक खेलों के मद्देनज़र चीन ने विदेशी पत्रकारों को ज़्यादा छूट देने की बात की है. लेकिन जानकारों का कहना है कि हाल में तिब्बत में हुई ताज़ा घटनाओं को देखते हुए चीनी सरकार के लिए अपने वायदे पर क़ायम रहना मुश्किल होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रितानी प्रेस की सुर्ख़ियाँ28 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना ल्हासा पर चीन का नियंत्रण बढ़ा16 मार्च, 2008 | पहला पन्ना क्या इस ओलंपिक में बनेंगे विश्व रिकॉर्ड..?18 मार्च, 2008 | पहला पन्ना तिब्बत में तुरंत हिंसा रुकेः संयुक्त राष्ट्र17 मार्च, 2008 | पहला पन्ना सद्दाम को फाँसी: बीबीसी विशेष कवरेज़30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के 75 साल पूरे19 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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