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शनिवार, 24 फ़रवरी, 2007 को 12:15 GMT तक के समाचार
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प्रोदी से पद पर बने रहने का अनुरोध
रोमानो प्रोदी
अफ़ग़ानिस्तान में सैनिकों की तैनाती के ख़िलाफ़ प्रोदी पर दबाव बढ़ रहा था
इटली के राष्ट्रपति गियार्गियो नैपोलितानो ने राजनीतिक संकट दूर करने के इरादे से प्रधावनमंत्री रोमानो प्रोदी से अपने पद पर बने रहने की इजाज़त दे दी है लेकिन संसद में नए सिरे से विश्वास मत हासिल करने को भी कहा है.

ग़ौरतलब है कि पिछले सप्ताह बुधवार को विदेश नीति पर संसद में महत्वपूर्ण मतदान के बाद प्रोदी ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

दरअसल अफ़ग़ानिस्तान में इतालवी सैनिकों की मौजूदगी के बारे में संसद में यह मतदान हुआ था जिसमें प्रोदी की सरकार विश्वास मत हार गई थी.

उसके बाद प्रोदी की सरकार में शामिल वामपंथी सांसदों ने 12 सूत्री एक समझौते पर दस्तख़त किए थे जिसमें प्रोदी को प्रधानमंत्री पद पर बने रहने को हरी झंडी दे दी गई थी.

राष्ट्रपति ने शनिवार को प्रोदी से कहा है कि वह प्रधानमंत्री पद पर बने रहें लेकिन अपनी गठबंधन सरकार का विश्वास मत भी हासिल करें.

राष्ट्रपति ने राजनीतिक संकट हल करने के लिए नए चुनाव कराने के विचार को ख़ारिज कर दिया है. पूर्व राष्ट्रपति सिलवियो बर्लोस्कोनी ने नए चुनाव कराने का सुझाव दिया था.

अफ़ग़ानिस्तान में इटली के क़रीब दो हज़ार सैनिकों की मौजूदगी के मुद्दे पर प्रोदी की सरकार को रक्षात्मक रुख़ अपनाने पर मजबूर किया गया क्योंकि वामपंथी सहयोगियों ने अफ़ग़ानिस्तान में इतालवी सेना की मौजूदगी का विरोध किया है.

इटली के उत्तरी हिस्से में विसेंज़ा में एक अमरीकी सैन्य अड्डे के विस्तार की योजनाओं पर भी वामपंथी पार्टियाँ ख़ासी नाराज़ हैं, इनमें वो वामपंथी पार्टियाँ भी हैं जो सरकार में नहीं हैं.

दो कम्युनिस्ट सीनेटरों ने अपनी ही पार्टियों से विरोध करते हुए बाग़ी रुख़ अपना लिया था और बुधवार को हुए मतदान में सरकार के विरोध में मतदान किया था जिससे सरकार गिर गई थी.

उस प्रस्ताव में सीनेट से कहा गया था कि सरकार की विदेश नीति पर मंज़ूरी की मोहर लगा दी जाए. हालाँकि यह सरकार के लिए औपचारिक विश्वास मत नहीं था लेकिन विदेश मंत्री मासिमो डी एलेमा ने सरकार से अनुरोध किया था कि अगर वह सीनेट का समर्थन नहीं हासिल कर सके तो उसे इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

प्रधानमंत्री रोमानो प्रोदी ने इस्तीफ़े की घोषणा के बाद उन्हें गुरूवार को अपनी सरकार के सहयोगी दलों का नए सिरे से समर्थन मिल गया. प्रोदी संभवतः गहन बातचीत के बाद एक अतिरिक्त सीनेटर का समर्थन भी हासिल करने में कामयाब हो गए हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि ऐसी संभावनाएँ बन गई थीं कि पूर्व प्रधानमंत्री बर्लुस्कोनी फिर से सत्ता में लौट सकते थे जिसकी वजह से बातचीत का गहन दौर शुरू हुआ.

राष्ट्रपति ने शनिवार को जब प्रोदी से प्रधानमंत्री पद पर बने रहने का अनुरोध किया तो प्रोदी ने कहा, "मैं विश्वास का मत हासिल करने के लिए जल्द से जल्द संसद में ख़ुद को पेश करुंगा."

संसद के निचले सदन और सीनेट में इस मुद्दे पर अलग-अलग दिन मतदान होने की संभावना है और यह शायद बुधवार को शुरू होगा.

बीबीसी संवाददाता मार्क डफ़ का कहना है कि अगर रोमानो प्रोदी विश्वास मत हासिल कर लेते हैं तो भी उन्हें अपने समर्थन का दायरा बढ़ाना होगा ताकि कुछ विद्रोही प्रकृति वाले सांसदों पर अपनी निर्भरता कम कर सकें.

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