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पोप ने कहा, उन्हें 'ग़लत समझा गया' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईसाइयों के धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट 16वें ने वेटिकन में इकट्ठा हुए श्रद्धालुओं से कहा है कि इस्लाम के बारे में उनकी जिस टिप्पणी से मुसलमान नाराज़ हो गए थे, दरअसल उसे 'ग़लत अर्थों' में समझा गया था. अपने साप्ताहिक भाषण में बुधवार को पोप ने इस्लाम के लिए "अत्यधिक सम्मान" का इज़हार किया. पोप ने इस अवसर पर कहा कि उन्होंने पिछले सप्ताह अपने भाषण में 14वीं सदी के जिस सम्राट की उक्ति का ज़िक्र किया था, वह उनके अपने विचार नहीं हैं. वह सम्राट इस्लाम का आलोचक था. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जर्मनी में उनके हाल के भाषण से विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के बीच "स्वआलोचक संवाद" शुरू हो सकेगा. पोप ने वेटिकन में एकत्र हज़ारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा, "मैंने अपने उस भाषण में धर्म और हिंसा का संबंध बयान करने के लिए एक उक्ति का ज़िक्र किया था. दुर्भाग्य से उस उक्ति का ग़लत अर्थ निकाला गया. मैंने मध्यकाल के एक शासक के शब्दों को किसी भी तरीके से अपने शब्द नहीं बनाना चाहा." पोप ने कहा, "मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि धर्म और हिंसा नहीं बल्कि धर्म और तर्क साथ-साथ चलते हैं. मैं आशा करता हूँ कि दुनिया के धर्मों और एक ईश्वर को मानने वाले मुसलमानों के लिए मेरे दिल में जो सम्मान है वह सुस्पष्ट है और उससे शांति, स्वतंत्रता, न्याय और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है जोकि मानवता के कल्याण के लिए है." रविवार को पोप ने कहा था कि जर्मनी में दिए गए उनके भाषण पर दुनिया भर में जो प्रतिक्रिया हुई है इस पर उन्हें बेहद खेद है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बुधवार को उन्होंने उन शब्दों का ज़िक्र नहीं किया जिनके लिए मुस्लिम आलोचकों ने माँग की थी. संवाददाता के अनुसार अब इस पर नज़र होगी कि बुधवार को उन्होंने जो शब्द प्रयोग किए हैं क्या वे मुस्लिम आलोचकों को संतुष्ट कर पाएंगे. मुसलमानों ने पोप से कहा है कि वे अपनी टिप्पणी के लिए बिना शर्त माफ़ी माँगें लेकिन पोप ने अभी तक सिर्फ़ यही कहा है कि उनके शब्दों से मुसलमानों की जो भावनाएँ आहत हुई हैं उस पर उन्हें अफ़सोस है. जर्मनी में दिए एक भाषण में पोप ने मध्यकाल के एक सम्राट मैनुअल द्वितीय के उन शब्दों का ज़िक्र किया था जिनमें उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के कुछ संदेशों को "दुष्टता और अमानवीयता" कहकर आलोचना की थी. पोप के उस भाषण के बाद मुसलमानों में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी और कई दिन तक विरोध प्रदर्शन हुए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें माफ़ी माँगने पर भी थमा नहीं है गुस्सा18 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'धर्मयुद्ध से जुड़ा है पोप का बयान'18 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप ने खुद मुसलमानों से माफी माँगी17 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के बयान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया17 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना मुसलमानों को ठेस पर पोप को 'खेद'16 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के बयान पर प्रतिक्रियाएँ15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के इस्लाम संबंधी बयान?15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप बेनेडिक्ट और विवाद!15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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