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माफ़ी माँगने पर भी थमा नहीं है गुस्सा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैथोलिक ईसाइयों के धर्मगुरू पोप के इस्लाम और जेहाद संबंधी बयान को लेकर ग़ुस्सा अब भी कम नहीं हुआ है जबकि वे अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी माँग चुके हैं. दुनिया भर के मुस्लिम नेताओं ने पोप के माफ़ी माँगने पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है. रविवार को जर्मनी में दिए गए अपने भाषण के विवादास्पद अंश से ख़ुद को अलग करते हुए पोप ने कहा था कि ये उनके निजी विचार कतई नहीं थे. ओआईसी संतुष्ट नहीं इसके बाद कुछ मुस्लिम संगठनों ने उनकी माफ़ी का स्वागत किया. इनमें 'जर्मन काउंसिल ऑफ़ मुस्लिम्स' और मिस्र का प्रतिबंधित संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड शामिल हैं. लेकिन 57 इस्लामी देशों के संगठन - ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कॉन्फ़्रेंस (ओआईसी) के अध्यक्ष मलेशिया ने कहा है कि पोप का ताज़ा बयान पर्याप्त नहीं है और उन्हें अपना मूल बयान पूरी तरह से वापस लेना चाहिए. तुर्की की सरकार के कुछ मंत्रियों का भी कहना है कि पोप के ताज़ा बयान को पूरी माफ़ी नहीं माना जा सकता. लेकिन नवंबर में पोप की तुर्की यात्रा की योजना कायम है. इस विवाद के दौरान पोप के मूल बयान का विरोध करते हुए सैकड़ो ईरानी नागरिकों ने प्रदर्शन किए. पश्चिमी तट में दो गिरिजाघरों पर देसी बम हमले भी हुए. | इससे जुड़ी ख़बरें विवाद के बाद पोप जनता में आएँगे17 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के बयान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया17 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के बयान पर प्रतिक्रियाएँ15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के इस्लाम संबंधी बयान?15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप बेनेडिक्ट और विवाद!15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप की टिप्पणी से मुसलमान नाराज़15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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