|
हिंसा में कमी का दावा, धमाका भी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने एक तरफ़ कहा है कि राजधानी बग़दाद में दस दिन पहले शुरू किए गए एक विशेष सुरक्षा अभियान की बदौलत जातीय हिंसा में कमी आई है वहीं शनिवार को एक मस्जिद के पास हुए बम धमाके में कम से कम 35 लोग मारे गए हैं. नूरी अल मलिकी ने कहा कि 14 फ़रवरी को शुरू किए गए इस अभियान के दौरान 426 संदिग्ध चरमपंथियों को पकड़ा गया है और लगभग 400 चरमपंथी मारे भी गए हैं. उधर राजधानी बग़दाद में अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 32 लोग मारे गए और 90 से ज़्यादा घायल हो गए. इराक़ी पुलिस ने कहा है कि बग़दाद से क़रीब 50 मील पश्चिम में हब्बानिया शहर में एक मस्जिद के पास ट्रक में भरे हुए विस्फोटक के ज़रिए धमाका किया गया जिसमें शुरुआती ख़बरों के अनुसार 35 लोग मारे गए और साठ से ज़्यादा घायल हो गए. इराक़ के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ने भी कहा है कि इराक़ी सुरक्षा बलों और अमरीकी सैनिकों ने उत्तरी बग़दाद में अनेक सुन्नी चरमपंथियों को मार दिया है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर अब्दुल करीम ख़लाफ़ ने बताया कि इस हमले में अमरीकी सैनिकों ने इराक़ी सुरक्षा बलों का साथ दिया जिसमें उनके अनुसार एक सुन्नी विद्रोही ठिकाने को निशाना बनाया गया. प्रवक्ता ने कहा कि कई घंटे तक चली इस लड़ाई में इस्लामिक आर्मी के दर्जनों संदिग्ध चरमपंथी मारे गए. प्रवक्ता के अनुसार उन्हें किसी आम आदमी के मारे जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. दूसरी तरफ़ समाचार एजेंसी एपी के अनुसार अमरीकी सेना ने कहा है कि उन्हें ऐसे किसी अभियान की जानकारी नहीं है. 'आम सहयोग' प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने शनिवार को राजधानी बग़दाद में उस कमांड केंद्र का दौरा किया जो इराक़ और अमरीकी संयुक्त सुरक्षा अभियान की देखरेख कर रहा है.
इस मौक़े पर मलिकी ने कहा कि बहुत से चरमपंथी राजधानी छोड़कर चले गए हैं और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने की कोशिश की जाएगी. मलिकी ने ज़ोर देकर कहा कि नई सुरक्षा योजना को कारगर बनाने के लिए आम लोगों के सहयोग की भी ज़रूरत है. उन्होंने बताया कि इस संयुक्त सुरक्षा अभियान में इराक़ और अमरीका के हज़ारों अतिरिक्त सैनिक लगाए गए हैं जो बग़दाद में इस योजना पर अमल कर रहे हैं. नूरी अल मलिकी ने कहा कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इराक़ी लोग स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं. अमरीकी सैन्य कमांडरों ने भी इस सुरक्षा अभियान के बारे में सकारात्मक बयान दिए हैं लेकिन उन्होंने कहा है कि विद्रोहियों ने फिलहाल अपनी गतिविधियाँ रोक दी हैं जिससे यह ख़तरा भी है कि वे बाद में अपनी गतिविधियाँ ज़्यादा हिंसक तरीके से चला सकते हैं. बीबीसी संवाददाता जेन पील का कहना है कि प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के भरोसे वाले शब्दों के बावजूद राजधानी बग़दाद में शनिवार को ही बम और मोर्टार हमलों की अनेक घटनाएँ हुईं जिनमें कम से कम सात लोग मारे गए. | इससे जुड़ी ख़बरें बग़दाद में बम विस्फोट, 35 की मौत24 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में ब्रितानी सैनिक घटेंगे21 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना ब्रितानी सैनिकों की वापसी का स्वागत 22 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना सैनिकों की वापसी की घोषणा संभव20 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'सैन्य शक्ति के प्रयोग के लिए तैयार रहें'13 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'ब्लेयर भी मानते हैं जो हुआ ग़लत हुआ'07 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना टोनी ब्लेयर से पुलिस पूछताछ01 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ को हर तरह का सहयोग देंगे: ब्लेयर17 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||