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इराक़ को हर तरह का सहयोग देंगे: ब्लेयर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अचानक इराक़ दौरे पर गए ब्रितानी प्रधानमंत्रीव टोनी ब्लेयर ने कहा है कि 'आतंकवादियों' के खिलाफ लड़ाई में ब्रिटेन इराक़ी सरकार को पूरा सहयोग देगा. सुरक्षा कारणों से प्रधानमंत्री ब्लेयर के अति सुरक्षित क्षेत्र में पहुँचने तक बग़दाद में उनकी मौजूदगी की पुष्टि नहीं की गई थी. बगदाद़ में मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ छह महीने पहले टोनी ब्लेयर की पिछली इराक़ यात्रा के बाद हालात बिगड़े हैं और इराक़ सरकार या अमरीकी सेना के पास इसका कोई जवाब नहीं है. इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिका के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री ब्लेयर ने कहा कि इराक़ में गठबंधन सेना की भूमिका है- आतंकवाद के खिलाफ़ इराक़ की लोकतांत्रिक सरकार की मदद करना. ब्लेयर ने कहा कि दक्षिणी इराक़ी शहर बसरा में इराक़ी सेना जब सुरक्षा की ज़िम्मेदारी पूरी तरह ले लेगी, उसके बाद ब्रितानी सेना की मौजूदगी कम होने लगेगी. ब्रितानी प्रधानमंत्री मध्य पूर्व के दौरे पर हैं और तुर्की और मिस्र का दौरा कर चुके है. ब्लेयर ने मध्य पूर्व के सभी देशों से अपील की कि वे लोकतंत्र स्थापित करने में इराक़ की सहायता करें. इराक़ी प्रधानमंत्री से हुई बातचीत के ब्यौरा देते हुए ब्लेयर ने कहा कि उन्होंने इराक़ की कम अनुभवी सरकार और इराक़ी जनता को ब्रिटेन के सहयोग की बात को दोहराया. संवाददाता सम्मेलन में ब्लेयर ने कहा कि ब्रिटेन इराक़ में लोकतंत्र स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है और 'आतंकवादी' या जातीय हिंसा इन प्रयासों को नहीं रोक पाएगी. ब्लेयर ने कहा, "हम इस दिशा में हमेशा आपकी सहायता करते रहेंगे जो इराक़ के लिए महत्वपूर्ण है, क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और विश्व के लिए महत्वपूर्ण है." सेना की वापसी बसरा से ब्रितानी सेना की धीरे-धीरे वापसी की योजना का ब्रितानी प्रधानमंत्री ने बचाव किया और कहा कि यह ब्रिटेन की नीति में किसी तरह का बदलाव नहीं. ब्लेयर ने कहा, "ऐसा करने से हमारी नीति में कोई बदलाव नहीं आएगा. हमारी नीति यही है कि जैसे ही इराक़ी सेना बसरा का नियंत्रण लेने में सक्षम होगी, ब्रितानी सेना उनके सहायक की भूमिका निभाएँगे." ब्लेयर ने 'संकटपूर्ण और मुश्किल' समय में 'धैर्य' रखने के लिए इराक़ी प्रधानमंत्री मलिकी की सराहना की. ‘महत्वपूर्ण’ समय प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा कि मध्य पूर्व के लिए 'फैसला लेने का यह महत्वपूर्ण समय' है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच के विवाद को सुलझाना काफ़ी महत्वपूर्ण है. बग़दाद रवाना होने से पहले मिस्र की राजधानी काहिरा में ब्लेयर ने कहा कि ज़रूरी है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास को समर्थन दे. ब्रितानी प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में ईरान की बढ़ती भूमिका पर चिंता जताई. ब्लेयर ने कहा कि ईरान पर क्षेत्र में शांति प्रयासों को पटरी से उतारना चाहता है और कहा कि क्षेत्र में ईरान का एक सकारात्मक भूमिका निभाना उन्हें मुश्किल लगता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सक्रिय फ़्रलस्तीनी प्राधिकरण ज़रूरी'16 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश ने कहा कि इराक़ नीति बदलेगी07 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश-ब्लेयर मुलाकात, इराक़ मुख्य मुद्दा07 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'बयान का ग़लत मतलब निकाला गया'18 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना ईरान को भी शामिल किया जाए: ब्लेयर13 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़ में सफलता हासिल करना संभव है'24 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना ब्रिटेन इराक़ में हिम्मत नहीं हारेगा: ब्लेयर23 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना ब्लेयर ने अपने जनरल से सहमति जताई13 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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