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शनिवार, 16 दिसंबर, 2006 को 10:47 GMT तक के समाचार
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'सक्रिय फ़्रलस्तीनी प्राधिकरण ज़रूरी'
ब्लेयर-अर्दोगान
ब्लेयर का कहना था कि तुर्की मध्य-पूर्व और यूरोप के बीच की कड़ी है
मध्य पूर्व यात्रा पर गए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि पूरी तरह सक्रिय फ़लस्तीनी प्राधिकरण का होना अत्यावश्यक है.

उनका कहना था कि ये इसलिए ज़रूरी है ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उसका समर्थन कर सके और उसके साथ बातचीत कर सके.

प्रधानमंत्री ब्लेयर ठप पड़ी इसराइल-फ़लस्तीन शांति प्रक्रिया में जान फूँकने के मकसद से तुर्की के बाद मिस्र पहुँचे हैं.

उनका कहना था कि पूरे अधिकारों वाला फ़लस्तीनी प्राधिकरण होने से इसराइल से बातचीत भी हो सकती है और अगले कुछ हफ़्ते का समय शांति प्रक्रिया के संदर्भ में फ़ैसले का वक्त है.

इससे पहले अंकारा में तुर्की के प्रधानमंत्री रिसेप तैयप अर्दोगान से बातचीत करने के बाद टोनी ब्लेयर ने कहा, ''तुर्की मध्य-पूर्व और यूरोप के बीच की कड़ी है और शांति प्रक्रिया को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.''

 मैं अपने कार्यकाल के अंतिम महीनों में शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू कराना चाहता हूँ और इसराइल-फ़लस्तीन संघर्ष इसका मुख्य पहलू है
टोनी ब्लेयर

ब्रितानी प्रधानमंत्री ने तुर्की को यूरोपीय संघ की सदस्यता दिए जाने की भी जोरदार वकालत की. उन्होंने कहा, '' मध्य-पूर्व शांति प्रकिया के लिए तुर्की को यूरोपीय संघ का सदस्य बनाना ज़रूरी है.''

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों कहा था, ''मैं अपने कार्यकाल के अंतिम महीनों में शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू कराना चाहता हूँ और इसराइल-फ़लस्तीन संघर्ष इसका मुख्य पहलू है.''

लेकिन आलोचकों का कहना है कि टोनी ब्लेयर को इसमें सफलता नहीं मिलेगी क्योंकि इराक़ युद्ध को लेकर उनकी काफ़ी आलोचना हो चुकी है.

दूसरी ओर, टोनी ब्लेयर के प्रवक्ता ने कहा, '' हालाँकि प्रधानमंत्री की इस यात्रा से तुरंत कोई बड़ा परिणाम सामने नहीं आने वाला है लेकिन ब्रिटेन बातचीत को गति देने में सहायक बनना और शांति प्रिक्रिया के अगले चरण को दिशा देने में मदद करना चाहता है.''

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