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चुनावों की चर्चा से हमास नाराज़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी इलाक़ों में समय से पहले चुनावों की चर्चा पर हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार ने तीख़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. राष्ट्रपति महमूद अब्बास, जो विरोधी दल फ़तह का नेतृत्व करते हैं, ने कहा है कि राष्ट्रीय सरकार के गठन में आने वाली बाधा को दूर करने के लिए फ़लस्तीनी इलाक़ों में चुनाव करवाए जा सकते हैं. इस घोषणा को पश्चिमी देशों से मिलने वाली आर्थिक सहायता में आई रुकावट को दूर करने की कोशिश के रुप में देखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि इसी साल जनवरी में हुए चुनाव में हमास की जीत हुई थी और इसके बाद इस्माइल हानिया प्रधानमंत्री बने थे. ईरान के एक टेलीविज़न चैनल पर बोलते हुए फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति की इस योजना से समस्या और गंभीर हो सकती है. उनका कहना था कि यदि चुनाव हुए तो यह उस फ़लस्तीनी जनता का अपमान होगा जिसने एक साल से भी कम समय पहले मत देकर हमास को जिताया था. लेकिन फ़लस्तीनी वार्ताकार साएब इरेकात ने कहा है कि फ़लस्तीनी वर्तमान बाधाओं से हो रहे विलंब को और नहीं देख सकते. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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