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तुर्की की सदस्यता पर बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ के 25 नेता गुरुवार को ब्रसेल्स में तुर्की को यूरोपीय संघ में शामिल करने और इस विषय पर तुर्की के साथ बीतचीत शुरु करने के सवाल पर बैठक कर रहे हैं. वे इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे कि क्या तुर्की को यूरोपीय संघ का सदस्य बनाया जाए और यदि ऐसा करना है तो कब और किन शर्तों पर उसे सदस्यता दी जाए? बीबीसी के यूरोप संवाददाता टिम फ़्रैंक्स का कहना है कि यूरोपीय संघ के कई देशों में जनता तुर्की को सदस्यता दिए जाने के ख़िलाफ़ है. उधर फ़्रांस के राष्ट्रपुति ज़्याक शिराक़ ने कहा दिया है कि तुर्की तब ही सदस्य बन सकता है यदि वह सदस्य बनने की सभी शर्तों को पूरा करता है. तुर्की के प्रधानमंत्री तैयप अर्दोगान ने यूरोपीय संघ को ख़बरदार करते हुए कहा कि यदि तुर्की पर कोई नाजायज़ शर्तें थोपने की कोशिश की तो तुर्की को सदस्यता स्वीकार नहीं होगी. राष्ट्रपति शिराक़ ने ये विचार यूरोपीय संसद के उस प्रस्ताव के पारित होने के बाद व्यक्त किए जिसमें यूरोपीय संघ के नेताओं को तुर्की नेताओं से इस विषय में बातचीत करने की अनुमति दी गई. राष्ट्रपति शिराक़ ने चेताया कि संघ के 25 सदस्यों में से कोई भी सदस्य 'वीटो' के अधिकार का इस्तेमाल कर सकता है और फ़्रांस इस विषय में अंतिम फ़ैसला करेगा. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि तुर्की के सदस्य बन जाने से यूरोपीय संघ को फ़ायदा होगा. बबीसी संवाददाता टिम फ़्रैंक्स का कहना है कि संभावना है कि यूरोपीय संघ के देश तुर्की से किसी विशेष तरह कि सदस्यता की पेशकश कर सकते हैं. उनका कहना है कि इससे हो सकता है तुर्की को यूरोपीय संघ के सदस्य के पूरे अधिकार तो नहीं मिलें लेकिन यूरोपीय संघ के साथ विशेष भागीदारी का दर्जा मिल सकता है. |
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