|
'इराक़ में सफलता हासिल करना संभव है' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अमरीका के राजदूत ज़लमय ख़लीलज़ाद ने कहा है कि जातीय हिंसा के बावजूद इराक़ में तय समयसीमा के अंदर स्थायित्व लाया जा सकता है. वहीं अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन सेना के कमांडर जनरल जॉर्ज केसी ने विश्वास जताया कि इराक़ी सेना 18 महीनों के भीतर सुरक्षा का ज़िम्मा ले लेगी. उन्होंने कहा कि इराक़ी सेना लगभग 75 फ़ीसदी तैयार है. कमांडर जनरल जॉर्ज केसी और ज़लमय ख़लीलज़ाद ने ये बातें एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में कही. हिंसा अमरीका में ये बयान ऐसे समय आया है जब इराक़ में अमरीकी नीति को लेकर बहस तेज़ हो गई है. इस वर्ष सिर्फ़ अक्तूबर महीने में ही 87 अमरीकी सैनिक इराक़ में मारे जा चुके हैं जो नवंबर 2004 के बाद से एक महीने में हताहतों की सबसे ज़्यादा संख्या है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पत्रकार वार्ता का मुख्य ज़ोर शायद अमरीकी लोगों को आश्वासन देना था-ख़ासकर जब अमरीका में मध्यावधि चुनाव की तैयारी चल रही है. ज़लमय ख़लीलज़ाद ने कहा कि इराक़ में हाल के दिनों में हुई हिंसा के बाद कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अमरीका वहाँ सफल हो पाएगा. उन्होंने कहा कि पूरी प्रकिया का जो परिणाम होगा उसका असर 'दुनिया के सुरक्षा परिदृश्य' पर पड़ेगा. 'रणनीति में बदलाव' ज़लमय ख़लीलज़ाद का कहना था कि अमरीका को 'रणनीति में बदलाव करना चाहिए' और कोशिशें और तेज़ कर देनी चाहिए. अमरीकी राजदूत ने बताया कि इराक़ में स्थायित्व लाने की कोशिशों की तहत सुरक्षा मंत्रालय में सुधार लाए जा रहे हैं. लेकिन इस साझा पत्रकार में अमरीकी राजदूत और जनरल केसी ने ईरान या सीरिया से बातचीत का ज़िक्र नहीं किया. ज़लमय ख़लीलज़ाद ने कहा है कि अमरीका को इराक़ में अपने सैनिक कम करने पर जो़र देना चाहिए लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वे और सैनिकों की माँग करने से हिचकिचाएँगे नहीं. सीएनएन के एक जनमत सर्वेक्षण से संकेत मिल रहे हैं कि सिर्फ़ 20 फ़ीसदी अमरीकी ही मानते हैं कि अमरीका इराक़ में जीत रहा है. पिछले वर्ष ये संख्या 40 फ़ीसदी थी. संवाददाताओं का कहना है कि अमरीका में दोनों राजनीतिक पार्टियों के राजनेता इराक़ी सरकार के प्रति धैर्य खोते जा रहे हैं. अमरीकी विदेश मंत्रालय में इराक़ी ख़फ़िया जानकारी के पूर्व उप निदेशक वेन व्हाइट ने बीबीसी को बताया कि सैनिकों को हटाने या फिर रणनीति में बदलाव के लिए दबाव बढ़ रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रिटेन इराक़ में हिम्मत नहीं हारेगा: ब्लेयर23 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीकी अधिकारी ने माफ़ी माँगी23 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में हिंसा रोकने के प्रयास तेज़23 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में रणनीति बदलते रहे हैं: जॉर्ज बुश21 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में हिंसा, 17 की मौत21 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़ पर सीरिया सहयोग दे सकता है'18 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में 10 अमरीकी सैनिकों की मौत18 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीकी सैनिकों पर मुक़दमा चलेगा19 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||