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सोमवार, 23 अक्तूबर, 2006 को 10:50 GMT तक के समाचार
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ब्रिटेन इराक़ में हिम्मत नहीं हारेगा: ब्लेयर
इराक़
ब्रितानी प्रधानमंत्री इराक़ी नेता से वहाँ की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में बात करेंगे
इराक़ की सुरक्षा व्यवस्था पर हुई बातचीत में टोनी ब्लेयर ने इराक़ी उप प्रधानमंत्री से कहा है कि ब्रिटेन इराक़ में हिम्मत नहीं हारेगा.

दोनों नेताओं के बीच लंदन में बातचीत हो रही है.

डाउनिंग स्ट्रीट ने इस बात से इनकार किया है कि टोनी ब्लेयर बरहम सलीह पर दबाव डाल रहे है को वो ये आश्वासन दें कि इराक़ी सुरक्षाबल एक साल के अंदर दक्षिणी इराक़ में कामकाज संभाल लेंगे.

टोनी ब्लेयर के कार्यालय की ओर से कहा गया है, 'हम भी चाहतें हैं कि नियंत्रण सौंपने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो लेकिन जब तक काम पूरा नहीं हो जाता ब्रितानी फ़ौज इराक़ में रहेगी.'

कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा है, "टोनी ब्लेयर और इराक़ी उप प्रधानमंत्री इराक़ की वर्तमान स्थिति पर बात करेंगे लेकिन ये संकेत देना ग़लत है कि ब्रितानी प्रधानमंत्री इराक़ी नेता पर दबाव डालेंगे."

नियंत्रण

वहीं ब्रिटेन के रक्षा मंत्री डेस ब्राउन ने कहा है कि वे उस आकलन से सहमत हैं जिसमें कहा गया है कि इराक़ी सेना एक साल के अंदर देश के दक्षिणी हिस्से की सुरक्षा-व्यवस्था संभाल सकती है.

दक्षिणी इराक़ का नियंत्रण इराक़ी सैनिकों को सौंपे जाने का मतलब ये है कि वहाँ मौजूद ब्रितानी सैनिकों की संख्या में कमी आएगी.

ब्रितानी रक्षा मंत्री का बयान ऐसे समय आया है कि जब इराक़ में अमरीकी रणनीति में बदलाव को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.

वर्ष 2003 में जब इराक़ पर हमला हुआ था उस समय वहाँ ब्रितानी सैनिकों की संख्या 50 हज़ार थी लेकिन अब ये संख्या सिर्फ़ सात हज़ार के आसपास ही रह गई है.

ज़िम्मेदारी

शनिवार को ही ब्रितानी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी किम हॉवेल्स ने उम्मीद जताई थी कि एक साल के अंदर इराक़ की सेना अपने देश की सुरक्षा का ज़िम्मा संभाल लेगी.

इस संबंध में अब ब्रितानी रक्षा मंत्री के बयान को भी काफ़ी अहम माना जा रहा है. क्योंकि यह इराक़ में ब्रितानी सेना की भूमिका कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण क़दम हो सकता है.

लेकिन जब ब्रितानी रक्षा मंत्री से ये पूछा गया कि ब्रितानी सेना इराक़ से पूरी तरह कब वापस लौटेगी. उनका सीधा सा जवाब था- जब काम पूरा हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि सैनिकों की वापसी कोई घटना नहीं प्रक्रिया है. बीबीसी संवाददाता रॉबिन ब्रैंट का कहना है कि अमरीका में भी इराक़ में रणनीति बदलने को लेकर अटकलों का बाज़ार गर्म है.

लेकिन एक समय इराक़ में ब्रिटेन के वरिष्ठ प्रतिनिधि रहे सर जेरेमी ग्रीनस्टोक ने कहा है कि अब से इराक़ में गठबंधन सेना के लिए अच्छे विकल्प नहीं बचे.

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