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रविवार, 15 अक्तूबर, 2006 को 18:49 GMT तक के समाचार
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विद्राहियों को ख़त्म करेंगे : मलिकी
नूरी अल मलिकी
अमरीकी सेना ने मलिकी के रवैये को लेकर शिकायतें की थीं
इराक़ में एक दिन फिर हिंसा से भरा हुआ गुज़रा.

पुलिस को बलाद में चालीस लोगों के शव मिले हैं. जबकि पुलिस का कहना है कि विभिन्न इलाक़ों में हुए हमलों में कम से कम 17 लोग मारे गए और कम से कम 70 लोग घायल हुए.

इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने लोगों से वादा दोहराया है कि हथियारबंद लड़ाकों को ख़त्म कर दिया जाएगा, जिनके हमलों की वजह से इराक़ में गृहयुद्ध की स्थिति पैदा हो गई है.

इराक़ के सरकारी टेलीविज़न पर उन्होंने कहा कि इराक़ के लोगों को सिर्फ़ इराक़ी सरकार ही सुरक्षा प्रदान कर सकती है.

उल्लेखनीय है कि हाल ही में इराक़ में अमरीकी सेना ने कहा था कि वे शिया लड़ाकों के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई करने में प्रधानमंत्री मलिकी की अनिच्छा से चिंतित हैं.

हिंसा भरा दिन

सबसे बुरा दिन रहा बलाद का जहाँ पुलिस को चालीस लोगों के शव मिले. लोगों को शक है कि ये लोग जातीय हिंसा में मारे गए हैं.

पुलिस का कहना है कि ज़्यादातर शव शिया लोगों के हैं जबकि वह सुन्नी बहुल इलाक़ा है.

वहाँ शिया और सुन्नी समुदायों के बीच हिंसा की शुरुआत शुक्रवार को हुई थी जब 14 मज़दूरों के सिर कटे शव मिले थे.

अधिकारियों का कहना है कि वहाँ अभी भी हिंसा रुकी नहीं है.

उधर उत्तरी शहर किरकुक में सिलसिलेवार बम धमाकों में कम से कम 10 लोग मारे गए और कई घायल हुए.

माना जा रहा है कि इनमें से तीन हमले पुलिस को निशाना बनाकर किए गए जबकि चौथा बम शिक्षकों के प्रशिक्षण केंद्र के पास गिरा.

किरकुक शहर राजधानी बग़दाद से करीब 250 किलोमीटर दूर है. पिछले हफ़्ते यहाँ इराकी और अमरीकी सैनिकों ने बड़ा अभियान चलाया था.

पुलिस का कहना है कि किरकुक में बम धमाके पाँच मिनट के अंतराल पर हुए और इनमें से दो आत्मघाती हमले थे.

इस बीच अमरीकी सेना ने कहा है कि बग़दाद में सेना के एक वाहन में हुए बम विस्फोट से अमरीकी सेना के तीन जवान मारे गए हैं.

हमलों में तेज़ी

सूत्रों के मुताबिक किरकुक में आपातकालीन मामलों के पुलिस प्रमुख और शहर के पुलिस प्रमुख हमलों में घायल हुए हैं और उनके कई गार्ड मारे गए हैं.

रविवार को बग़दाद में एक वरिष्ठ अधिकारी के काफ़िले पर भी हमला किया गया जिसमें सात लोग मारे गए.

हालांकि हमले में अधिकारी हला शक्र सलीम बच गईं. रमज़ान के महीने के दौरान इराक़ में हिंसक घटनाओं में तेज़ी आई है.

हाल ही में बग़दाद के पास बलाद शहर में हुई जातीय हिंसा में कई लोग मारे गए थे.

20 सुन्नियों के मारे जाने के बाद शहर में कर्फ़्यू लगा दिया गया था.

इस बीच विभिन्न हमलों में शनिवार को पाँच अमरीकी सैनिक मारे गए.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसके साथ ही अक्तूबर में मरने वाले अमरीकी सैनिकों की संख्या 50 हो गई है.

जनवरी 2005 के बाद से अब तक एक महीने में इतनी बड़ी संख्या में अमरीकी सैनिक नहीं मारे गए थे.

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