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'इराक़ से ब्रितानी सेना वापस लौटे' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी सेना के प्रमुख ने कहा है कि इराक़ में ब्रिटिश सेना की मौजूदगी से 'सुरक्षा की समस्याएँ बढ़ी हैं.' उनका कहना है कि ब्रिटिश सेना को जल्दी ही किसी समय वापस लौट आना चाहिए. सेना प्रमुख सर रिचर्ड डैनेट ने 'डेली मेल' को दिए एक साक्षात्कार में ये बातें कही हैं. उन्होंने कहा, "यह तथ्य है कि 2003 के युद्ध को लेकर जो सहनशीलता थी वह आमतौर पर अब असहनीय हो चुकी है." अगस्त में कार्यभार संभालने वाले सर रिचर्ड ने कहा है कि आरंभिक सफलता के बाद जो योजनाएँ बनाई गईं वो ठोस होने के बजाय आशावादिता पर ज़्यादा आधारित थी. उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कह रहा हूँ कि पूरी दुनिया में जो समस्याएँ हम झेल रहे हैं उसका कारण इराक़ में हमारी मौजूदगी है लेकिन निश्चित तौर पर इराक़ में हमारे होंने से सुरक्षा की समस्याएँ बढ़ी हैं." सेना प्रमुख ने अपने साक्षात्कार में कहा, "हम एक मुस्लिम देश में हैं और मुस्लिम देशों में विदेशियों के बारे में जो विचार हैं वो एकदम स्पष्ट हैं." "जब आप आमंत्रित हों तब तो एक विदेशी की तरह आपका स्वागत हो सकता है लेकिन उस समय जो इराक़ में थे उन्होंने हमें आमंत्रित नहीं किया था." बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस बयान को इसलिए सनसनीखेज़ माना जा सकता है क्योंकि वह एक इतने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की ओर से आया है. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका की इराक़ नीति पर पुनर्विचार07 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना हमले का ख़तरा बरकरार - रिपोर्ट27 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ युद्ध से आतंकवाद बढ़ा:रिपोर्ट26 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना संघीय ढांचे पर सुन्नियों की शर्त23 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ गृह युद्ध के कगार पर-अन्नान18 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़ पर हमला संकट लेकर आया'13 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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