|
अमरीका की इराक़ नीति पर पुनर्विचार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि इराक़ में पिछले क़रीब दो साल में अपनी ड्यूटी निभाते हुए लगभग चार हज़ार इराक़ी पुलिसकर्मियों की जान जा चुकी है. इन हालात को देखते हुए कुछ ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस इराक़ पर अमरीकी विदेश नीति में व्यापक परिवर्तन पर विचार किया जा रहा है. एक वरिष्ठ रिपब्लिकन सीनेटर ने हाल ही में बग़दाद का दौरा किया है और स्थिति का बेबाक जायज़ा पेश किया है और कुछ नए विकल्प लागू करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है. लगता है जैसे इराक़ में बढ़ती हिंसा से अमरीकी राजनेता इस सोच की ओर बढ़ रहे हैं कि इराक़ को लेकर अभी जिस तरह की नीति है वो चल नहीं सकती. साथ ही मध्यपूर्व में इराक़ के रूप में एक स्थिर और लोकतांत्रिक सहयोगी का जो सपना था वो भी धूमिल होता नज़र आ रहा है. सेनेटर जॉन वार्नर सेनेट की सशस्त्र सेवाओं की समिति के अध्यक्ष हैं और बुश प्रशासन के सहयोगी माने जाते हैं. इराक़ से लौटकर वहां की स्थिति का आकलन उन्होंने कुछ इन शब्दों में किया. "अभी मुझे ये लग रहा है कि ये मामला एक ही दिशा में बढ़ रहा है. और मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि दो से तीन महीने में स्थिति नहीं बदली, हिंसा पर काबू नहीं पाया गया और सरकार काम नहीं कर सकी तो ये हमारी सरकार की ज़िम्मेदारी होगी कि हमें दूसरा रास्ता अपनाने पर विचार करना होगा. और मैं अभी कोई भी विकल्प छोड़ने को तैयार नहीं हूं." सीनेटर वार्नर जिस तरह की निराशा से भरी बातें कहते हैं, बहुत लोग इस सोच से सहमत नज़र आ रहे हैं. लैरी डायमंड इराक़ पर अमरीकी हमले के बाद वहां गठबंधन प्राधिकरण के सलाहकार के रूप में नियुक्त हुए और अब सटैनफ़र्ड विश्वविद्दालय के हूवर इंस्टीट्यूट में काम करते हैं. आसार लैरी डायमंड का कहना था, "निकट भविष्य में इराक़ पश्चिमी देशों का एक भरोसेमंद लोकतांत्रिक सहयोगी बन सके और वहां अमनचैन की स्थिति पैदा हो सके इसके आसार बिल्कुल नहीं हैं."
"सवाल केवल यही है कि क्या इराक़ में गृह युद्ध की स्थिति को रोका जा सकता है और क्या पश्चिमी इराक़ को ग्यारह सितंबर के पहले का अफ़गानिस्तान बनने से रोका जा सकता है जो कि पश्चिमी देशों के ख़िलाफ़ एक प्रशिक्षण केंद्र बन गया था." लेकिन अभी भी ये स्पष्ट नहीं है कि अमरीकी नीतियों में जिस फेरबदल का अनुमान है वो कितना क्रांतिकारी है. वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक सामरिक और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन केंद्र के ऐंथनी कोर्ड्समैन कहते हैं अभी भी कई नीतियां हैं जिन्हें आज़माया जा सकता है. जिस तरह के संकेत नज़र आ रहे हैं उनका एक कारण ये है कि इराक़ की सरकार के सामने ये स्पष्ट किया जाए कि वो आपस में सहमति बनाने के लिए अनंतकाल तक इंतज़ार नहीं कर सकते और बहुत जल्दी कुछ करने की ज़रूरत है. ये एक तरह का दबाव है और ये काम कर सकता है." "दूसरा रास्ता है एक बहुत बड़ी सहायता पैकेज की घोषणा क्योंकि ये वहां आपसी एकजुटता बढ़ाने में सहायक हो सकती है." तो इसकी संभावना तो नहीं है बुश प्रशासन कोई बड़ी घोषणा करे, उदाहरण के तौर इराक़ से भारी संख्या में सैनिकों की वापसी. लेकिन वाशिंगटन में एक बात पर सहमति नज़र आ रही है कि 2003 में इराक़ पर हमले का जो भी कारण रहा हो उसका परिणाम अच्छा नहीं होने जा रहा और अब कोशिश यही है कि उससे जो नुक]सान हुआ है उसे कम से कम किया जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में धमाके, 14 की मौत07 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में हिंसा रोकने की नई पहल03 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना बुश झूठे और विफल - ज़वाहिरी30 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना हमले का ख़तरा बरकरार - रिपोर्ट27 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ युद्ध से आतंकवाद बढ़ा:रिपोर्ट26 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना मलिकी की मतभेद भुलाने की अपील24 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़ युद्ध से बढ़ा आतंकवाद का खतरा'24 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में हालात सद्दाम के बाद 'बदतर'21 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||