|
इराक़ में हिंसा रोकने की नई पहल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में जारी जातीय हिंसा पर काबू पाने के लिए प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने चारसूत्री योजना की घोषणा की है. मलिकी ने सुन्नी और शिया समुदायों के आला राजनेताओं से आपात बातचीत के बाद नए उपायों की घोषणा की. इस योजना पर दोनों समुदायों के नेताओं ने सहमति जताई है. ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में इराक़ में इन दोनों समुदायों के बीच हिंसा बढ़ी है और यह थमने का नाम नहीं ले रहा है. उम्मीद मलिकी ने उम्मीद जताई कि नई योजना से आपस में बँटे हुए पक्षों को एकजुट रखने में मदद मिलेगी. चारसूत्री योजना के तहत हर इलाक़े में साझा सुरक्षा समितियाँ गठित करने का प्रस्ताव है. इसमें सभी राजनैतिक और धार्मिक गुटों की भागीदारी होगी. मलिकी की इस घोषणा के ठीक पहले राजधानी बग़दाद से दो अलग अलग घटनाओं में 40 लोगों का अपहरण कर लिया गया. पुलिस का कहना है कि उन्होंने 50 शव भी बरामद किए हैं. इनके शरीर पर गोलियों के निशान पाए गए. | इससे जुड़ी ख़बरें बग़दाद में रविवार सुबह तक कर्फ़्यू घोषित30 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ युद्ध से आतंकवाद बढ़ा:रिपोर्ट26 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़ युद्ध से बढ़ा आतंकवाद का खतरा'24 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना संघीय ढांचे पर सुन्नियों की शर्त23 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में हालात सद्दाम के बाद 'बदतर'21 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी प्रांत का नियंत्रण सौंपा गया21 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||