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इराक़ी प्रांत का नियंत्रण सौंपा गया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में तैनात ब्रितानी और इतालवी सैनिकों ने गुरूवार को दक्षिणी प्रांत धी क़ार का नियंत्रण इराक़ी सैनिकों को सौंप दिया है. इस मौक़े पर प्रांतीय राजधानी नसीरिया में एक समारोह का आयोजन हुआ. इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने प्रांत का नियंत्रण इराक़ी सैनिकों को सौंपे जाने को एक 'महान दिवस' क़रार दिया. इससे पहले जुलाई में दक्षिणी इराक़ में ही एक प्रांत मुथन्ना का नियंत्रण भी इराक़ी सैनिकों को सौंपा जा चुका है और धी क़ार उन 18 प्रांतों में दूसरा प्रांत है जिनका नियंत्रण निकट भविष्य में इराक़ी सैनिकों को सौंपने की योजना है. धी क़ार को ऐसे प्रांतों में गिना जाता है जहाँ हालात ज़्यादा समस्या वाले नहीं रहे हैं. वह प्रांत 2003 से ही ब्रितानी सेनाओं के नियंत्रण में रहा है. नसीरिया में मौजूद बीबीसी संवाददाता इयन पैनेल का कहना है कि धी क़ार प्रांत का नियंत्रण ढोल-तमाशे की बीच इराक़ी सुरक्षा बलों को सौंपा गया. इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा, "मुथन्ना प्रांत पहला था, अब धी क़ार ने भी यह दिन देख लिया और अब अन्य प्रांतों का नियंत्रण इराक़ी सुरक्षा बलों के हाथों आ जाएगा और इस तहरह हम जल्दी ही अपना लक्ष्य हासिल कर लेंगे." दक्षिणी इराक़ में ब्रितानी सेनाओं के कमांडर मेजर जनरल रिचर्ड शेरिफ़ ने भी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के शब्दों की हिमायत की. मेजर जनरल रिचर्ड शेरिफ़ ने कहा, "धी क़ार की प्रांतीय सरकार ने दिखा दिया है कि वह प्रांत और सरकार की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी उठाने में सक्षम है." हालाँकि धी क़ार प्रांत की सुरक्षा ज़िम्मेदारी इराक़ी सुरक्षा बलों को सौंपी जा रही है लेकिन सुरक्षा निगरानी और आपातकालीन आवश्यकता के लिए ब्रितानी सैनिक भी वहाँ मौजूद रहेंगे. इतालवी रवानगी धी क़ार प्रांत में सुरक्षा ज़िम्मेदारी ज़्यादातर इतालवी सैनिकों पर रही जो वहाँ 1800 की संख्या में तैनात हैं. इतालवी सैनिकों ने ही वहाँ हज़ारों इराक़ी पुलिस जवानों और सैनिकों को प्रशिक्षण भी दिया है.
एक ब्रितानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा है कि ऐसी संभावना है कि इतालवी सैनिक अब दो महीने के भीतर स्वदेश लौटना शुरू कर देंगे लेकिन ब्रितानी सैनिकों की संख्या में कोई कमी नहीं आएगी. दक्षिणी इराक़ में ब्रिटेन के सात हज़ार से ज़्यादा सैनिक तैनात हैं. ब्रितानी सैनिक बसरा जैसे समस्याग्रस्त इलाक़ों में तैनात हैं जहाँ हाल के महीनों में हालात और ख़राब हुए हैं. अभी इस बारे में कोई ठोस संकेत नहीं हैं कि इराक़ के बाक़ी प्रांतों को कब तक विदेशी गठबंधन वाली सेना से हटाकर इराक़ी सुरक्षा बलों के नियंत्रण में सौंपा जाएगा. हिंसा इस बीच इराक़ में विभिन्न हिंसक घटनाओं में कम से कम 32 लोगों की मौत हुई है. पश्चिमी बग़दाद में एक थावने पर बंदूकों और मोर्टारों से हमला किया गया जिसमें छह पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई. बग़दाद के पश्चिमोत्तर इलाक़े में एक कार बम धमाके में दो लोग मारे गए. बग़दाद के पास ही दौरा इलाक़े में हिंसा में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई. कुछ अन्य भीषण हमलों की ख़बरें बक़ूबा, दीवानिया, दियाला, फलूचजा और मूसल से भी मिली हैं. संवाददाताओं का कहना है कि देश में जारी हिंसा का मतलब है कि धी क़ार जैसे प्रांतों का नियंत्रण इराक़ी सुरक्षा बलों को जो सौंपा जा रहा है उसे अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के सैनिकों की संख्या में कमी के संकेत के रूप में नहीं देखा जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इराक़ में हिंसा में मारे जाने वाले लोगों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी हो रही है और पिछले जुलाई और अगस्त महीनों में 6500 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ गृह युद्ध के कगार पर-अन्नान18 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना किरकुक में हमला, 25 की मौत17 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़ पर हमला संकट लेकर आया'13 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में साठ लाशें मिलीं13 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना ईरान ने इराक़ को 'मदद' की पेशकश की12 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'मध्यस्थता पर संयुक्त राष्ट्र की सहमति'04 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान ने लेबनान पर वचनबद्धता दोहराई'03 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना प्रमुख ईरानी नेताओं से चर्चा करेंगे अन्नान02 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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