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इराक़ युद्ध से आतंकवाद बढ़ा:रिपोर्ट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैश्विक आतंकवाद पर तैयार एक अमरीकी रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ युद्ध में अमरीका भागीदारी ने वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा देने में मदद की है. अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट के मुख्य अंशों को सार्वजनिक कर दिया है जिसे पहले ख़ुफ़िया श्रेणी में रखा गया था. व्हाइट हाउस की ओर से जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ पर हमले के बाद से वैश्विक जिहादी आंदोलन को समर्थन मिला है. इस रिपोर्ट को अमरीका की सभी 16 ख़ुफ़िया एजेंसियों ने मिलकर तैयार किया था जिसके कुछ अंश हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स को लीक हो गए थे. वैश्विक आतंकवाद पर तैयार की गई इस रिपोर्ट के अनुसार इराक़ पर हमले की वजह से वैश्विक जेहादी आंदोलन के समर्थक भर्ती करने में मदद मिली है. रिपोर्ट के अनुसार इराक़ पर हमले में अमरीकी भागीदारी की वजह से मुस्लिम दुनिया में बहुत गहरी नाराज़गी है और इस्लामिक कट्टरवाद की एक नई पीढ़ी तैयार हुई है जो पूरी दुनिया भर में फैल रही है. यह रिपोर्ट लीक हो गई थी और इसके कुछ अंश रविवार को न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित किए गए. राष्ट्रपति बुश ने रिपोर्ट के लीक होने की आलोचना की थी और कहा कि ऐसा नवंबर में संभावित चुनावों के प्रभावित करने के मक़सद से किया गया है. राष्ट्रपति बुश ने कहा, "कुछ लोगों ने अपनी ओर से ही अनुमान लगा लिया और इस नतीजे पर पहुँच गए कि इराक़ जाना एक भूल थी. मैं इससे कतई सहमत नहीं हूँ." बुश ने कहा, "कुछ लोग सोचते हैं कि अमरीकियों को नुक़सान पहुँचाने की मंशा रखने वालों पर हमला करना हमें कम सुरक्षित बनाएगा. ऐसा सोचना ग़लत है." विवाद समाचार पत्र के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया था कि इराक़ में अमरीकी दखलंदाज़ी की वजह से इस्लामिक कट्टरवाद की एक नई पीढ़ी तैयार हुई है जो पूरी दुनिया में फैल रही है. इसके बाद राष्ट्रपति ने कहा था कि वो इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करेंगे ताकि लोगों का भ्रम दूर हो सके. ग़ौरतलब है कि बुश लगातार इस तरह की दलीलों का पहले भी खंडन करते रहे हैं और उनका तर्क रहा है कि अमरीका की इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान पर हमलों से पहले से ही इस्लामिक चरमपंथी अमरीका से नफ़रत करते रहे हैं. राष्ट्रपति के इस वक्तव्य के बाद विपक्षी डेमोक्रेट्स की ओर से प्रस्ताव रखा गया कि इस मसले पर एक विशेष सत्र बुलाया जाए और क़ानून के जानकारों को इसपर चर्चा करने का मौका दिया जाए. हालांकि यह प्रस्ताव गिरा दिया गया पर विपक्षी नेता नेन्सी पेलोसी ने कहा कि इस पूरी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें चरमपंथी क़ैदियों से बर्ताव पर सहमति22 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश को 'शैतान' कहा शावेज़ ने20 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना सीनेट समिति में बुश के ख़िलाफ़ 'बग़ावत'15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना आतंकवादी हमलों का ख़तरा बरकरार-बुश12 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'बुश के भाषण की आलोचना'12 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना हमलों की बरसी पर श्रद्धांजलि सभा11 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश प्रशासन की नीतियों पर विवाद10 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग दिशाहीन हुई09 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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