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बुश-ब्लेयर मुलाकात, इराक़ मुख्य मुद्दा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के बीच आज व्हाइट हाउस में मुलाकात की है. ये बैठक इराक़ स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट आने के एक दिन बाद हुई है. बुधवार को आई इराक़ स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट में इराक़ की समस्या को लेकर ईरान और सीरिया से बातचीत करने की बात उठाई गई है जिसका राष्ट्रपति बुश विरोध करते आएँ हैं. सीरिया के सूचना मंत्री ने इराक़ पर आई रिपोर्ट का स्वागत किया है और कहा है कि सीरिया बातचीत के लिए हमेशा खुला दिमाग़ रखता है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि काफ़ी हद तक अकेले पड़ते जा रहे राष्टपति बुश के लिए टोनी ब्लेयर का आना स्वागत भरा क़दम होगा. रिपोर्ट बुधवार को पेश हुई इराक़ स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ में स्थिति बिगड़ रही है और समय भी हाथ से निकल रहा है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अमरीकी सेना को हिंसका इलाक़ों में जाकर लड़ने के काम के बज़ाए इराक़ी सेना को प्रशिक्षण देना चाहिए. हालाँकि रिपोर्ट में अमरीकी सेना की वापसी के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है लेकिन ये ज़रूर कहा गया है कि सैनिक 2008 के शुरु में वापस आ सकते हैं. इराक़ स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट उसी दिन प्रकाशित की गई है जिस दिन बतौर अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स के नाम की पुष्टि हुई. रॉबर्ट गेट्स ने ये स्वीकार किया है कि अमरीका इराक़ में नहीं जीत पा रहा और उन्होंने कहा है कि वे इराक़ को लेकर नए विचारों का स्वागत करते हैं. उधर राष्ट्रपति बुश ने कहा कि इराक़ स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट में दिए गए सुझावों को वे बहुत गंभीरता से लेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें कोई जादुई फ़ॉर्मूला नहीं है: इराक़ रिपोर्ट 06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ रिपोर्ट को बहुत गंभीरता से लेंगे: बुश06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीका इराक़ में नहीं जीत रहा'05 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में हमले, 30 लोगों की मौत05 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी ख़ुद समस्या का हल ढूँढें: शिया नेता04 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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