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इराक़ रिपोर्ट को बहुत गंभीरता से लेंगे: बुश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि इराक़ स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट रिपब्लिकन और डेमोक्रैटिक पार्टियों के लिए एक अवसर है जब वे इराक़ में आगे बढ़ने के लिए साझा रुख़ अपनाने के प्रयास कर सकते हैं. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वे इस रिपोर्ट में दिए गए सुझावों को बहुत गंभीरता से लेंगे. इराक़ में अमरीका की भावी नीति पर इराक़ स्टडी ग्रुप ने कहा है कि वहाँ स्थिति बेहतर करने के लिए कोई जादुई फ़ॉर्मलू नहीं है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इराक़ को अराजकता में खिसकने से बचाने के लिए नए रुख़ और तत्काल कदम उठाने की ज़रूरत है. 'ईरान से सीधी बात नहीं' अमरीकी कांग्रेस यानि संसद में सीनेट में डेमोक्रैटिक पार्टी के नेता हैरी रीड का कहना था कि अब ये राष्ट्रपति बुश की ज़िम्मेदारी है कि वे रिपोर्ट में दिए गए सुझावों पर अमल करें. उधर अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता टोनी स्नो ने कहा है कि ईरान से सीधी बातचीत तब तक नहीं होगी जब तक तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए यूरेनियम संवर्द्धन बंद नहीं करता. दूसरी ओर इराक़ी सरकार ने रिपोर्ट का स्वागत किया है. इराक़ के उप प्रधानमंत्री बरहाम सालेह का कहना है कि रिपोर्ट में दिए गए सुझाव इराक़ी सरकार के रुख़ से मेल खाते हैं कि सुरक्षा का काम इराक़ी लोगों को ही सौंपा जाना चाहिए. लेकिन इराक़ी संसद में सुन्नियों के नेता सलीम अल-जुबॉरी का कहना है कि रिपोर्ट में अमरीकी सेना की इराक़ से वापसी का स्पष्ट समय शामिल किया जाना चाहिए था. | इससे जुड़ी ख़बरें जॉन बोल्टन ने पद छोड़ने की घोषणा की04 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'काम पूरा होने तक इराक़ में रहेगी सेना'30 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना गेट्स का ज़्यादा समय सीआईए में बीता09 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना रम्सफ़ेल्ड की विदाई का असर09 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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