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गुरुवार, 09 नवंबर, 2006 को 02:37 GMT तक के समाचार
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रम्सफ़ेल्ड की विदाई का असर

अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड
रक्षा मंत्री के इस्तीफ़े को एक बड़े निर्णय के रूप में देखा जा रहा है
अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड की विदाई से इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि इराक़ मामले पर बुश सरकार किस तरह घिरी हुई है.

चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद एक पत्रकार वार्ता में राष्ट्रपति बुश ने यह स्पष्ट कर दिया था कि पेंटागन में किसी नए व्यक्ति को लाने की ज़रूरत है.

यानी जीत या हार, दोनों ही स्थितियों में बुश यह मन बना चुके थे कि युद्ध के शिल्पियों में से एक की विदाई कर दी जाए औऱ इसके लिए उनके पास कई जायज कारण भी थे.

यहाँ तक की पिछले हफ़्ते उनकी विदाई की घोषणा से पहले ही बुश ने अपने इस फैसले के बारे में रम्सफ़ेल्ड को बता दिया था.

बुश ने तय किया है कि रम्सफ़ेल्ड की जगह रॉबर्ट गेट्स अब इस ज़िम्मेदारी को संभालेंगे.

हालांकि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के निदेशक रह चुके गेट्स अपनी इस नई भूमिका में क्या कुछ कर पाते हैं, यह देखना अभी बाकी है.

विदाई

इराक़ युद्ध और अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के प्रशासन के इतिहास में रम्सफ़ेल्ड की विदाई को एक बड़ी घटना के रूप में देखा जा रहा है.

उनका इस्तीफ़ा इस बात का साफ़ संकेत और स्वीकारोक्ति है कि इराक़ में अभी तक की नीति कारगर साबित नहीं हो सकी है.

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि बुश या अमरीका के उप राष्ट्रपति डिक चेनी के अलावा बुश प्रशासन में से किसी ने भी आतंक के ख़िलाफ़ जंग और सद्दाम से छुटकारे जैसी बातें नहीं कहीं.

 उन्होंने इन चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया कि उनकी ज़्यादा नुकसान पहुँचाने वाली और छोटी टुकड़ियों वाली सेना इराक़ में ज़मीनी लड़ाई तो जीत सकती है पर छापामार लड़ाई से निपटने में वो विफल रहेगी.

इराक़ के बारे में बुश ने कह चुके हैं, "हमें मालूम है कि उनके पास बड़े पैमाने पर लोगों को ख़त्म करने वाले हथियार हैं. हम इस मसले पर किसी से कोई बहस नहीं करना चाहते हैं."

इससे पहले रम्सफ़ेल्ड अमरीकी राष्ट्रपति फ़ोर्ड के कार्यकाल में पेंटागन को संभालने का ज़िम्मा निभा चुके हैं.

रम्सफ़ेल्ड को इस रूप में भी देखा जाता है कि उन्होंने अपने मंत्रालय में कई पुरानी व्यवस्थाओं को तोड़ा और कई चीज़ों को अपने अधिकार क्षेत्र में शामिल किया.

इस बारे में उनकी धारणा थी कि सेना में जनरल और एडमिरल अहोदे के लोगों को अत्यधिक अधिकार मिले हुए हैं.

उनकी इच्छा थी कि एक ऐसी सेना का गठन हो जो ज़्यादा तेज़, चलती-फिरती और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चरमपंथियों और उनकी मदद करने वाली सरकारों के ख़िलाफ़ सफलतापूर्वक लड़ सके.

उनका मानना था कि वो एक सही जगह पर और एक सही वक्त में एक सही आदमी थे.

अतिविश्वास

हालांकि पेंटागन में अपने प्रभाव को लेकर उनका अति विश्वास ही उनके पतन का कारण बना.

मतदान
चुनाव परिणाम इस बात की गवाही दे रहे हैं कि पिछले कुछ दिनों में बुश की लोकप्रियता कम हुई है

उन्होंने इन चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया कि उनकी ज़्यादा नुकसान पहुँचाने वाली और छोटी टुकड़ियों वाली सेना इराक़ में ज़मीनी लड़ाई तो जीत सकती है पर छापामार लड़ाई से निपटने में वो विफल रहेगी.

अमरीका के अन्य नीति निर्धारकों की तरह रम्सफ़ेल्ड को भी ऐसा नहीं लगता था कि इराक़ की जनता बाहरी आक्रमणकारियों को पसंद नहीं करेंगे और ख़ुद ही स्थितियों को अपने नियंत्रण में लेना चाहेंगे.

दरअसल, वो एक धैर्यवान व्यक्ति नहीं थे और चरमपंथियों के ख़िलाफ़ संघर्ष में वो लंबे समय तक धैर्य से काम नहीं ले सके.

इसके अलावा रम्सफ़ेल्ड ने अपनी रणनीति में भी लचीलापन कम ही दिखाया.

चुनाव परिणाम चाहे जो भी हों, उनकी विदाई तय है.

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08 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना
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