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'सैन्य शक्ति के प्रयोग के लिए तैयार रहें' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि अपनी विदेश नीति के तहत ब्रिटेन को सैन्य ताकत इस्तेमाल करने के लिए तैयार रहना होगा. एक सैन्य शक्ति के तौर पर ब्रिटेन की भूमिका पर भाषण देते हुए ब्लेयर का कहना था कि ब्रिटेन के पास दो विकल्प हैं. उनका कहना था कि या तो ब्रिटेन केवल कूटनीतिक भूमिका निभाए या फिर अपने मकसदों को पूरा करने के लिए सैन्य ताकत का इस्तेमाल करे. ब्रितानी प्रधानमंत्री का कहना था कि उनकी इच्छा है कि ब्रितानी फ़ौजें युद्ध की फौजें होने के साथ-साथ शांतिरक्षक सेनाएँ हों. उनका कहना था कि ये पूरी दुनिया में इस्लामी चरमपंथ के ख़तरे का सामना करने के लिए भी ज़रूरी है. ब्लेयर का कहना था कि 'आतंक के ख़िलाफ़ जंग' एक पीढ़ी तक भी चल सकती है लेकिन इससे पीछे हटना अनर्थकारी होगा. माना जा रहा है कि इस साल टोनी ब्लेयर प्रधानमंत्री का पद छोड़ देंगे. वे ब्रिटेन के ऐसे प्रधानमंत्री माने जाते हैं जिनके कार्यकाल के दौरान देश की सेनाओं ने सबसे ज़्यादा जगहों पर दख़ल दिया. इनमें कोसोवो, सियेरा लेयोन, अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ शामिल हैं. कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने ब्रितानी सैनिकों की बढ़ती भूमिका पर चिंता भी जताई है. | इससे जुड़ी ख़बरें परमाणु संयंत्रों को ख़तरा बढ़ा: पाटिल22 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'चीन को परमाणु समझौता स्वीकार'26 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सीनेट में परमाणु समझौता बहुमत से पास17 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस ईरान ने 'परमाणु कार्यक्रम' तेज़ किया27 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'परमाणु क्षमता 30 देशों के पास होगी'17 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं'11 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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