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'परमाणु क्षमता 30 देशों के पास होगी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अध्यक्ष मोहम्मद अल बारादेई ने कहा है कि यदि कड़ा नियंत्रण नहीं बरता जाता तो तीस और देशों के पास परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता हो सकती है. इस समय नौ देशों के पास परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता है. मोहम्मद अल बारादेई ने एक सम्मेलन के दौरान कहा कि आजकल ये 'फ़ैशन' बन गया है कि देश 'अपने बचाव के लिए' परमाणु हथियार विकसित करें. उन्होंने कहा कि परमाणु ताकतों का अपने हथियार रखते हुए अन्य देशों को इनसे वंचित रखने का रवैया तर्कसंगत नहीं है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण के बाद परमाणु प्रसार का मुद्दा गरमा गया है. ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में भी विवाद छिड़ा हुआ है. अल बारादेई का कहना था, "दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक माहौल ऐसा नहीं है कि देश बहुत सुरक्षित महसूस करें...(परमाणु हथियार विकसित करने के लिए) कई प्रलोभन हैं." इस सम्मेलन के दौरान उपग्रह से प्राप्त चित्र और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से परमाणु हथियार विकसित करने के संकेत जानने पर भी चर्चा हो रही है. अल बारादेई ने चेतावनी दी कि परमाणु तकनीक के बारे में इतनी जानकारी सार्वजनिक हो चुकी है कि इसकी जानकारी के बारे में कोई पाबंदी लगाना बहुत मुश्किल है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान आईएईए को सहयोग जारी रखेगा31 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना ईरान तत्काल काम रोके: संयुक्त राष्ट्र एजेंसी11 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना ईरान पर बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव02 मार्च, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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