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परमाणु संयंत्रों को ख़तरा बढ़ा: पाटिल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि भारत के परमाणु संयंत्र और तेल, गैस, रक्षा, संचार के साथ-साथ सूचना तकनीक के मूलभूत ढांचे को 'आतंकवादी' संगठनों से ख़तरा बढ़ गया है. बुधवार को राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को संबोधित करते हुए पाटिल ने कहा कि भारत-अमरीका परमाणु समझौते के बाद भारत के 15 परमाणु ऊर्जा केंद्रों को ख़तरा बढ़ गया है. भारत-अमरीका परमाणु समझौते को अमरीकी संसद के दोनो सदनों से मंज़ूरी मिलने के बाद अब ये लागू होने से पहले आख़िरी चरण में हैं. सुरक्षा अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि परमाणु संयंत्र उन इस्लामी चरमपंथियों का निशाना बन सकते हैं जो अमरीकी विदेश नीति का विरोध करते हैं. गृह मंत्री पाटिल का ये भी कहना था कि अब भारत के तेल और गैस क्षेत्र, रक्षा क्षेत्र, संचार और सूचना तकनीक के क्षेत्र का मूलभूत ढांचा भी चरमपंथियों के निशाने पर है. उनका कहना था कि भारत के तटवर्ती इलाक़ों पर चरमपंथियों के हमलों का ख़तरा बढ़ गया है क्योंकि सूचना के अनुसार उन्होंने समुद्री और तटवर्ती रास्ते से भारत में घुसपैठ करने का फ़ैसला किया है. पाटिल के अनुसार ऐसी जानकारी भी मिली है कि भारत के तटवर्ती क्षेत्र में स्थित तेल के कारखानों के बारे में सूचना एकत्र की जा रही है और कुछ वीरान पड़े हुए कुछ टापुओं से हमले करने की योजना बनाई गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें सुरक्षा के घेरे में मनाई जा रही है दीवाली 21 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस वादी की फ़िज़ाओं में ये कैसा बदलाव15 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस शाहरुख़ के सुरक्षाकर्मी की हत्या15 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध10 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस निजी कंपनियों के हाथ में हवाई अड्डे04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस सभी को मिल जाते हैं 'गनर'30 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'सारे वन निजी हाथों में बर्बाद हुए हैं'05 मई, 2005 | भारत और पड़ोस 'लावारिस कुत्तों का फ़ायदा उठाओ'23 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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