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प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की विदेश यात्रा के दौरान उनके साथ गए सामान के एक बक्से की सील टूटने के मामले की जाँच की जा रही है. इस बक्से में से व्हिस्की की छह बोतलें ग़ायब पाई गईं थीं. दरअसल दो महीने पहले प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगी थी लेकिन इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. 24 अप्रैल 2006 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जर्मनी के शहर हनोवर से बर्लिन की उड़ान पर थे. उड़ान के दौरान प्रधानमंत्री के भोजन संबंधी पैकेटों की जांच हो रही थी जिसमें पाया गया कि एक सीलबंद डिब्बा टूटा हुआ है. सुरक्षार्मियों ने पूरी जाँच की और एयर इंडिया के सुरक्षा मामलों के उपमहाप्रबंधक टीएम पवार को बुलाया गया. पता चला कि सील टूटे हुए बक्से से व्हिस्की की छह बोतलें ग़ायब हैं. विमान जब बर्लिन उतरा तो सभी कर्मचारियों के बैगों की तलाशी ली गई जिसमें व्हिस्की की कुल 29 बोतलें मिलीं. प्रधानमंत्री की यात्रा ख़त्म हुई और वो दिल्ली लौटे. पूछताछ चलती रही और पाया गया कि विमान के कमांडर के पास पांच बोतलें थीं जो गैरक़ानूनी हैं. विमान के कमांडर एनके बेरी को जब कहा गया कि नियमानुसार वो पाँच बोतलें नहीं रख सकते तो उनका कहना था कि ये बोतलें चोरी का माल नहीं हैं. इस पूरे मामले की जानकारी दो महीने तक सुरक्षाकर्मियों तक ही सीमित रही. जवाब-तलब अब 27 जून को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव अजय प्रसाद ने एयर इंडिया के चेयरमैन तुलसीदास को पत्र लिख कर जवाब माँगा है कि दो महीने तक प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध की जानकारी मंत्रालय को क्यों नहीं दी गई. बीबीसी के पास इस मामले से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं. अजय प्रसाद ने सुरक्षा में सेंध के लिए ज़िम्मेदार विमानकर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की भी मांग की है. दिलचस्प बात यह है कि विमान की सुरक्षा से जुड़े उपमहाप्रबंधक टीएम पवार जो उस उड़ान में शामिल थे अब छुट्टी पर चले गए हैं और एयर इंडिया को उनकी कोई ख़बर नहीं है. अजय प्रसाद का कहना है कि एयर इंडिया के कर्मचारियों के कामकाज से प्रधानमंत्री कार्यालय ने पहले भी नाराज़गी जताई थी. एयर इंडिया के कामकाज से नाराज़ सचिव ने एयर इंडिया को एक हफ़्ते में कार्रवाई करने को कहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें आरक्षण का मुद्दा ख़त्म- मनमोहन25 मई, 2006 | भारत और पड़ोस मेडिकल छात्रों से मिले प्रधानमंत्री26 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'बदहाल किसानों को पैकेज मिलेगा’30 जून, 2006 | भारत और पड़ोस मनमोहन ने विनिवेश की प्रक्रिया रोकी06 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस कमज़ोर हो रही है प्रधानमंत्री की छवि 07 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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