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शुक्रवार, 26 मई, 2006 को 17:47 GMT तक के समाचार
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मेडिकल छात्रों से मिले प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह
केंद्र सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि आरक्षण के मुद्दे पर वापस लौटना अब संभव नहीं
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को आरक्षण के विरोध में आंदोलन कर रहे मेडिकल छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात की है.

ये प्रतिनिधि मंडल दिल्ली के सभी मेडिकल कॉलेजों और देश के विभिन्न हिस्सों के मेडिकल छात्रों की ओर से गया था.

हालांकि गुरुवार को मनमोहन सिंह ने श्रीनगर में कहा था कि उनकी समझ से आरक्षण का मसला अब ख़त्म हो गया है लेकिन उन्होंने छात्रों से मिलने की स्वीकृति दी थी.

शुक्रवार को प्रतिनिधि मंडल ने उनसे मुलाक़ात भी की. मेडिकल छात्रों के भविष्य की चिंता करते हुए इस प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा.

प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारू ने इस मुलाक़ात के बाद बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया है कि सरकार हर वर्ग के हितों का ध्यान रखेगी.

उल्लेखनीय है कि संविधान में किए गए 93 वें संशोधन के अनुरुप सरकार ने केंद्र सरकार के समर्थन से चलने वाले देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थान में पिछड़े वर्ग के छात्रों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है.

सरकार ने अगले साल जून से आरक्षण लागू करने का फ़ैसला करते हुए कहा है कि अन्य वर्गों के हितों का ध्यान रखते हुए सरकार इस संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़ाएगी.

उच्च शिक्षा का विस्तार

आरक्षण के विरोध में आंदोलन
मेडिकल छात्र सरकार के आश्वासनों के बावजूद आंदोलन जारी रखे हुए हैं

संजय बारु के अनुसार, "प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया है कि यूपीए की समन्वय समिति ने जो रोड मैप तैयार किया है उसमें सभी के हितों का ध्यान रखा गया है."

उन्होंने पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री ने छात्र प्रतिनिधियों से कहा है कि देश में उच्चशिक्षा का व्यापक विस्तार होने जा रहा है और इससे सभी जाति और वर्ग के लोगों के लिए अवसर में बढ़ोत्तरी होगी.

प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार के अनुसार छात्रों से कहा गया है कि उनके सभी सुझाव और उनकी सभी माँगें उस तकनीकी समिति को दे दी जाएँगी जो आरक्षण लागू करने और सभी वर्गों के हित रक्षा की विस्तृत योजना तैयार कर रही है.

छात्रों से कहा गया है कि वे भविष्य में भी चाहें तो अपने सुझाव इस समिति को दे सकेंगे.

प्रतिनिधिमंडल में शामिल डॉ जितेंद्र सिंघला ने भी कहा है कि प्रधानमंत्री ने उनकी सारी माँगें सुनी हैं और उन्हें आश्वासन दिया है.

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