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आरक्षण के मुद्दे पर लोक सभा में चर्चा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लोक सभा में अन्य पिछड़ी जातियों को देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में आरक्षण दिए जाने के सवाल पर बुधवार को चर्चा होने की उम्मीद है. इस दौरान इस मुद्दे पर सरकार अपना रुख़ स्पष्ट करेगी. संसदीय कार्य मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने पत्रकारों को बताया कि आरक्षण मुद्दे पर पीएमके नेता रामदॉस का ध्यानकर्षण प्रस्ताव बुधवार को लोक सभा में आएगा और मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह इस बहस का जवाब देंगे. उन्होंने जानकारी दी कि लोक सभा की कार्य सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है. हालांकि मंगलवार को मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा था कि सरकार सभी विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार हैं. इसमें सीटों की संख्या बढ़ाना भी शामिल है. लेकिन मानव संसाधन विकास मंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस फ़ैसले से पीछे हटने का सवाल ही नहीं पैदा होता. इस बीच आरक्षण के फ़ैसले के ख़िलाफ़ मेडिकल कॉलेज के छात्रों और जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी है. राजधानी दिल्ली सहित देश के कई शहरों में हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों के साथ-साथ देश के कई शहरों में आरक्षण के समर्थन में भी रैलियाँ निकालीं गईं. दिल्ली के साथ-साथ चंडीगढ़, जयपुर, भोपाल, मुंबई, मेरठ और कई अन्य शहरों में डॉक्टर हड़ताल पर हैं. उच्च जाति के छात्रों का कहना है कि आरक्षण के कारण प्रतिभाएँ प्रभावित होंगी और स्तर भी गिरेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'आरक्षण का फ़ैसला नहीं बदलेगा'16 मई, 2006 | भारत और पड़ोस मेडिकल छात्रों के आंदोलन की कैबिनेट में चर्चा15 मई, 2006 | भारत और पड़ोस डॉक्टरों की हड़ताल से सेवाएं प्रभावित15 मई, 2006 | भारत और पड़ोस यूपी में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त19 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण:दिल्ली में डॉक्टर हड़ताल पर12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस स्वास्थ्य सेवाएँ आंशिक रुप से प्रभावित14 मई, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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